पुरुषों से ज्‍यादा स्‍वस्‍थ महिलाओं का दिल, हार्ट अटैक से 86 फीसद पुरुषों की मौत, महिलाएं 14 फीसद

World Heart Day जानें महिला और पुरुष के बीच दिल की बीमारी का किसे ज्‍यादा खतरा
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 02:23 PM (IST) Author: Manoj Kumar

हांसी (हिसार) [मनप्रीत सिंह] बदलती जीवनशैली से दिल की सेहत खराब होती जा रही है। देश में साल-दर-साल हार्ट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते तीन वर्षों के अंदर हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में 17 फीसद इजाफा हो गया है। वहीं, महिलाओं का दिल पुरुषों की तुलना में स्वस्थ है। हृदय गति रुकने से होने वाली कुल मौतों में 14 फीसद मामले महिलाओं के हैं, 86 फीसद पुरुषों के।

जिंदगी में बढ़ते तनाव के कारण सीने में बायीं ओर धड़कने वाले 2.89 ग्राम के दिल का मामला बिगड़ता जा रहा है। नेशनल क्राइम रिकाड्र्स ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में हार्ट अटैक के मामले बेहद कम हैं। 2019 में हार्ट अटैक से हुई 25 हजार 764 मौतों में से महिलाओं की संख्या केवल 3 हजार 663 थी। यानी बदलते लाइफस्टाइल में महिलाएं अपने दिल की हिफाजत पुरुषों से अधिक कर रही हैं।

वहीं, हार्ट अटैक का खतरा अब दिल की बातों में खोए रहने वाले युवाओं में भी बढ़ रहा है। 2019 में हार्ट अटैक से हुई कुल मौतों में 36 फीसद की उम्र 14 से 45 वर्ष की थी। आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन बताता है कि हार्ट अटैक का खतरा पूर्व में उम्रदराज लोगों में ज्यादा होता था, अब यह युवाओं को भी घेर रहा है।

बीते तीन वर्षों में हरियाणा में हार्ट अटैक से मौत का आंकड़ा

वर्ष     पुरुष     महिला     कुल

2017      839     71          0910

2018      927         80        1007

2019       943         71       1014

बीते तीन वर्षों में देश में आयुवर्ग के हिसाब से मौत का आंकड़ा

उम्र      कुल     पुरुष      महिला 

00-14      95         51         44

14-18      123        98         25     

18-30      2381     1980       401

30-45      7751       6858     893

45-60      11140     9706     1334

60 प्लस     6612      5267     1345

देश में 17 फीसद बढ़ी हार्ट अटैक से मौत

वर्ष      पुरुष     महिला     कुल

2017     20027     3219      23246

2018    22101     3663      25764

2019     23960     4032      28005  

क्या दफ्तर दे रहा है टेंशन

हार्ट अटैक की एक प्रमुख वजह तनाव को भी माना जाता है। बीते 3 सालों के आंकड़ों के अनुसार हार्ट अटैक से हुई मौतों में 14 फीसद के आसपास महिलाएं हैं। देश में वर्किंग फोर्स यानी नौकरी करने वालों में महिलाओं की हिस्सेदारी कम है। कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि काम के दबाव के कारण पुरुषों में हार्ट अटैक की दर अधिक है व महिलाओं में कम। देशभर में होने वाली आकस्मिक मौतों में 8 फीसद हार्ट से हुई मौतें हैं। ब्लॉगर व डिजिटल मार्केङ्क्षटग से जुड़ी चंचल खुराना का कहना है कि हार्ट अटैक के खतरों को कम करने के लिए हमें तनाव रहित रहना चाहिए।

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