मां ने डांट लगाई तो 100 किलोमीटर साइकिल चला हिसार से राेहतक पहुंची 10 वर्षीय लड़की

एक व्‍यक्ति ने फोटो से न पहचाना होता तो हिसार से रोहतक पहुंची बच्‍ची की जिंदगी बर्बाद हो सकती थी

वायरल फोटो के आधार पर रोहतक में शेखर नाम के व्‍यक्ति ने बच्‍ची को पहचान लिया। बच्ची ने बताया कि उसकी मां ने उसे डांट लगा दी थी। फिर वह साइकिल लेकर घर निकल गई। उसने 40 रुपये के अंगूर लिए थे वह चलती रही और रास्‍ता भटक गई।

Publish Date:Tue, 26 Jan 2021 12:15 PM (IST) Author: Manoj Kumar

हिसार, जेएनएन। बच्‍चों का डांटना पुराने दौर की बात होती जा रही है। बहुत से बच्‍चे डांटने पर गलत कदम उठा लेते हैं। छोटी उम्र में सही गलत की पहचान न होना मुश्किल खड़ी कर सकता है। हिसार में एक ऐसा ही मामला सामने आया। सेक्टर-14 से रविवार शाम 6 बजे के करीब अचानक लापता हुई 10 वर्षीय बच्ची सोमवार दोपहर 12.15 बजे के करीब रोहतक में मिली। यह बच्ची रोहतक हिसार बाईपास रोड पर पंक्चर साइकिल हाथ में लिए पैदल चल रही थी। उस दौरान आरएसएस से जुड़े जनसेवक शेखर पाठक ने वाट्सएप पर वायरल हुई इस बच्ची के फोटो को देखा तो इसे पहचानते हुए तुरंत इसके नाम से आवाज लगाई।

बच्ची ने रोहतक निवासी शेखर को पूछताछ में बताया कि वह रास्ता भटक गई थी और उसकी साइकिल पंक्चर हो गई है। बताया कि वह साइकिल पंक्चर की दुकान ही ढूंढ रही है। शेखर ने बच्ची को अपने पास बिठा लिया और वाट्सएप पर वायरल हुई इस फोटो के साथ दिए नंबर पर वीडियो कॉल करवा कर उसके स्वजनों से रोहतक पुलिस को इसकी सूचना दी।

जिसके बाद बच्ची के पिता और हिसार पुलिस एसएचओ सहित अन्य पुलिसकर्मी रोहतक पहुंचे और दोपहर तीन बजे वहां से लेकर बच्चे को लेकर हिसार के लिए रवाना हुए। गौरतलब है कि हिसार के सेक्टर-14 में रहने वाली इस बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया था कि वह आर्मी में नायक है और उनकी आसाम में ड्यूटी है। उन्होंने बताया था कि उनकी 10 वर्षीय बच्ची रविवार शाम घर के बाहर साइकिल चला रही थी। उस दौरान वह अचानक लापता हो गई।

हिसार से 40 रुपये के अंगूर लेकर पूरी रात किया साइकिल पर सफर

बच्ची के पास उसके स्वजन पहुंचे तो वह घबराई हुई थी। बच्ची ने बताया कि रविवार शाम को उसकी मां ने उसे डांट लगा दी थी। जिसके बाद वह साइकिल लेकर घर से निकल गई। उसने सेक्टर-14 के बाहर लगी रेहडिय़ों से 40 रुपये के अंगूर लिए थे। यह अंगूर का पॉलीथीन उसने साइकिल पर ही टांगा हुआ था। वह रास्ता भटक गई। जिसके कारण वह ट्रक व ट्रैक्टरों के पीछे-पीछे साइकिल चलाते-चलाते रोहतक पहुंच गई। सोमवार दोपहर जब बच्ची मिली तब भी बच्ची की साइकिल पर पॉलिथीन में अंगूर टंगे थे, पूरे अंगूर नहीं खाएं।  

स्वजन व पुलिस पुरी रात खोजती रही

बच्ची के शाम 6 बजे से घर निकलने के बाद वह काफी देर घर नहीं लौटी तो बच्ची के स्वजन ने आसपास ढूंढा, नहीं मिली तो पुलिस का सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस ने देर रात करीब 3 बजे तक आसपास स्थित होटल, रेस्टारेंट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड, पार्क आदि में खोजबीन की। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाई गई। जिसमें वह साइकिल पर जाते हुए दिखाई दी थी। अग्रवाल वैश्य समाज संस्था के विधानसभा महासचिव ललित बंसल व पार्षद पति प्रवीन केडिया सहित शहर के कई लोगों ने देर रात बच्ची को तलाशने में सहयोग किया।

बच्ची की मां बोली -

बच्ची की मां का एक्यूपंक्चर का क्लीनिक है। उनकी मां के फेसबुक पेज पर फोन नंबर देखकर लोगों ने कई फोन कर मामले की वास्तविकता जानी। जिसके बाद बच्ची के फोटो व पिता के मोबाइल नंबर को लोगों ने कई वाट्सएप ग्रुप में शेयर किया। बच्ची की मां, पिता व बच्ची को ढूंढने वाले रोहतक निवासी शेखर पाठक ने कहा कि इस प्रकरण में सोशल मीडिया व पुलिस का बहुत बड़ा सहयोग रहा है।

छोटा भाई है 5 साल का है -

यह बच्ची बंगाल में जूडो में स्कूल स्तर पर प्रतियोगिताएं जीत चुकी है। बच्ची के पिता ने बताया कि वह प्रतिदिन 20 से 30 मिनट साइकिल चलाती थी। लेकिन प्रतिदिन सेक्टर 14 के गेट पर स्थित क्लीनिक से वापस आ जाती थी।

बच्ची के मिलने पर स्वजनों से वीडियो कॉल करवा की गई कंफर्म -

रोहतक निवासी बच्ची को ढूंढने वाले व रोहतक-हिसार बाईपास पर नट बोल्ट की फैक्टरी चलाने वाले शेखर ने बताया कि वह हिसार एयरपोर्ट में मैनेजर दीपक के साढू है। उन्हें किसी ग्रुप में इस बच्ची की फोटो दिखाई दी तो स्वजनों को सूचना देकर बच्ची के पिता से वीडियो कॉल पर बच्ची की बात करवाई। जिसके बाद बच्ची के पिता ने कंफर्म किया है यह उनकी ही बेटी है।

बच्ची ने अपना गलत पता बताया

शेखर ने बच्ची से पूछा कि वह कहां से आई तो वह बोली की वह पिछले गांव से आई है और ट्यूशन जा रही है। इस पर शेखर ने उसे पिछले रोड पर पिछले दो गांव का नाम बताया, लेकिन बच्ची इनमें से कोई नाम नहीं बता सकीं। जिसके बाद शेखर ने वाट्सएप फोटो का मिलान करके कंफर्म करके उसे अपने पास रोक लिया। एसपी बलवान ङ्क्षसह राणा ने शेखर को इस कार्य के लिए बधाई दी और उन्हें सम्मानित करने के लिए हिसार बुलाया है।

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