Weather Haryana: सामान्य से 5 डिग्री गिरा तापमान, रात में बढ़ी ठंड, जानें कैसा रहेगा मौसम

दिन में जहां गर्मी का अहसास हो रहा है वहीं रात और सुबह के वक्‍त ठंड महसूस हो रही है
Publish Date:Tue, 20 Oct 2020 11:08 AM (IST) Author: Manoj Kumar

हिसार, जेएनएन। मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। सोमवार को रात्रि तापमान में सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इतनी गिरावट से रात्रि तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। वहीं अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। इस तरह के मौसम में सेहत संबंधी भी ध्‍यान रखना बेहद आवश्‍यक होता है। कोरोना काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना भी जरूरी है। ऐसे में लापवरवाही न बरतें।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 24 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। हवा में बदलाव -पूर्वी से उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए तापमान में हल्की गिरावट संभावित है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

पिछले दिनों में हिसार का तापमान

तारीख- अधिकतम- न्यूनतम

13 अक्टूबर- 36.5- 15.6

14 अक्टूबर- 36.1- 16.4

15 अक्टूबर- 35.8- 16.4

16 अक्टूबर- 34.5- 14.4

17 अक्टूृबर- 35.3- 14.7

18 अक्टूबर- 35- 14.2

19 अक्टूबर- 35- 12.7

मौसम आधारित कृषि सलाह

सरसों

सरसों की बिजाई उन्नत किस्मों  आरएच 725, आरएच 749, आरएच 30, आर एच 406 आदि के प्रमाणित बीजों से करें। बिजाई से पहले 2 ग्राम कारबेन्डाजिम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से अवश्य उपचारित करें।

गेहूं

गेहूं की बिजाई के लिए अगेती बिजाई वाली उन्नत किस्मों के बीजों का प्रबंध करे व खाली खेतों को अच्छी प्रकार से तैयार करें, ताकि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में तापमान अनुकूल होने पर अगेती बिजाई शुरू की जा सके। अगेती बिजाई के लिए यदि अच्छा पानी उपलब्ध हो तो डब्ल्यूएच 1105, एच डी 2967, एचडी 3086 व डब्ल्यू एच 711 किस्मों का प्रयोग करें। यदि कम पानी उपलब्ध हो तो अगेती बिजाई के लिए सी 306, डब्ल्यूएच 1080 , डब्ल्यूएच 1142 किस्मों के प्रयोग किया जा सकता है।

देसी चना

देसी चने की बिजाई के लिए खेत को अच्छी प्रकार से तैयार करें तथा उन्नत किस्मों के साथ बिजाई शुरू करें। देसी चने की उन्नत किस्मों बारानी व ङ्क्षसचित क्षेत्रों के लिए एचसी 1 तथा ङ्क्षसचित क्षेत्रों के लिए एचसी 3 (मोटे दाने वाली किस्म) व  एचसी 5  किस्मों का प्रयोग करे। बिजाई से पहले बीज का राइजोबियम के टीके से उपचार करें।इस उपचार से जड़ों में ग्रन्थियां अच्छी बनती हैं।

सब्जियां व फल

मौसम परिवर्तनशील व खुश्क रहने की संभावना देखते हुए सब्जियों व फलदार पौधों तथा हरे चारे की फसलों में आवश्यकतानुसार ङ्क्षसचाई करे।

- नरमा कपास की चुनाई सूर्य निकलने के बाद शुरू करे ताकि सुबह ओस के कारण उत्पादन की क्वालिटी पर प्रभाव न पड़े।

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