Waterlogging in Jhajjar: झज्जर में जलभराव से फसलों को नुकसान, अब मुआवजे की आस में किसान

हरियाणा में बरसात किसानों के लिए आफत बनी हुई है। अब तक बरसात के कारण झज्जर के पांच हजार से अधिक किसानों के खेतों में जलभराव होने की शिकायत विभाग को मिल चुकी हैं। ऐसी स्थिति में किसान उम्मीद में हैं कि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।

Rajesh KumarFri, 24 Sep 2021 12:37 PM (IST)
झज्जर में 5 हजार किसानों ने दी खेतों में जलभराव होने की शिकायत।

जागरण संवाददाता, झज्जर। एक तरफ जहां गर्मी से बचने के लिए बरसात को अच्छा माना जा रहा है। दूसरी तरफ बरसात किसानों के लिए आफत बनी हुई है। जिसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक बरसात के कारण जिले के पांच हजार से अधिक किसानों के खेतों में जलभराव होने की शिकायत विभाग को मिल चुकी हैं, साथ ही शिकायत देने का सिलसिला अभी भी निरंतर जारी है। ऐसी स्थिति में किसान उम्मीद में हैं उन्हें उचित मुआवजा मिल सके। वैसे तो यह आंकड़ा उन किसानों का है, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाया हुआ है। जबकि, इससे बहुत बड़ी संख्या में अन्य किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी फसलों का बीमा नहीं करवाया हुआ। क्योंकि, बीमा नहीं करवाने वाले किसानों के लिए यह सुविधा नहीं है कि वे जलभराव की शिकायत विभाग को दे पाएं। इधर, बीमा करवाने वाले किसानों की जलभराव की शिकायत ली जा रही है और सर्वे का काम चल रहा है।

बरसात का सिलसिला जारी

दरअसल, मौजूदा समय में भी बरसात का सिलसिला जारी है। जिसने किसानों की चिंता को बढ़ा रखा है। ऐसे में अब आवेदन कर चुके किसानों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे से बड़ी आस है। बता दें कि

मंगलवार व बुधवार को हुई बरसात के कारण भी काफी किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। जिसकी वजह से प्रभावित किसान अपनी फसलों में हुए जलभराव की शिकायत देने के लिए किसान सदन में पहुंच रहे हैं। तय प्रक्रिया के तहत किसानों को फसल में हुए नुकसान के 72 घंटे बाद ही इसकी शिकायत देनी होती है। किसान को शिकायत देते समय किसान क्रेडिट कार्ड धारक को बैंक से एप्लीकेशन आइडी या अन्य को पालिसी पेज की आवश्यकता होती है। साथ ही बैंक पास बुक की कापी जिसमें प्रीमियम कटा हुआ हो, आधार कार्ड की कापी व खेवट नंबर या किला नंबर का रिकार्ड देना होता है।

हजारों एकड़ जमीन में जलभराव

वर्तमान परिदृश्य को देखें तो जिला के हजारों एकड़ जमीन पर जलभराव है। कई गांवों की पंचायतें भी अधिकारियों से मिलकर गांव में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजे की मांग कर चुके हैं। क्योंकि, उन्हें आगामी फसल की बिजाई को लेकर भी चिंता सताने लगी है कि अगर जलभराव की समस्या खड़ी रही तो आगामी फसल की बिजाई कैसे करेंगे।

बता दें कि जुलाई के बाद से चल रही बरसात की स्थिति हर स्तर पर अपना असर प्रतिकूल दिखा रही हैं। खास तौर पर जिला के सभी खंडों में सैंकड़ों एकड़ जमीन में पानी ही पानी दिखाई देता हैं। दूसरा, सड़क के किनारे ऐसे सभी क्षेत्रों में दिक्कत ज्यादा देखने को मिलती हैं। जहां पर खेतों से मिट्टी निकाली हुई है।

5 हजार से ज्यादा किसानों ने दी शिकायत

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर मंदीप दूहन ने बताया कि अब तक पांच हजार से अधिक किसान अपनी फसलों में जलभराव की शिकायत दे चुके हैं। अभी भी पिछले दिनों बरसात से हुए जलभराव की शिकायत देने का सिलसिला जारी है। शिकायतों के आधार पर टीम द्वारा सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के आधार पर नुकसान का आंकलन होगा और मुआवजा मिलेगा।

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