Tokyo Olympics: ड्रैग फ्लिक शॉट रोकने के लिए लड़कों के साथ खेलती थी 7 पेनल्‍टी कॉर्नर रोकने वाली सविता पूनिया

सविता पूनिया के पिता ने बताया कि वो टाइम मिलने पर लड़कों के साथ हॉकी खेलने का अभ्यास करती थी। लड़के पावर के साथ ड्रग फ्लिक शॉट मारते थे उन्हें रोकने के लिए काफी ताकत लगानी पड़ती थी। आज आस्‍ट्रेलियन टीम के सामने भी सविता ने यही किया।

Manoj KumarMon, 02 Aug 2021 11:37 AM (IST)
सविता पूनिया की टोक्‍यो ओलंपिक में ऑस्‍ट्रेलिया के कई गोल रोकने से देश में खुशी का माहौल बना हुआ है

मनोज कौशिक, हिसार/सिरसा। भारतीय महिला हॉकी टीम की टोक्‍यो ओलंपिक में जीत का श्रेय वैसे तो पूरी टीम को ही जाता है। मगर भारतीय टीम की गोल कीपर सविता पूनिया ने जिस तरह से प्रदर्शन किया है वो हैरतंगेज है। वे दूसरी बार ओलिंपिक में भाग ले रही हैं। इससे पहले उन्होंने रियो ओलिंपिक में भाग लिया था। हाकी में शानदार खेल प्रदर्शन के लिए 2018 में उन्हें अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया था। सविता पूनिया को इंडियन हॉकी बेस्ट गोल कीपर भी चुना जा चुका है। मगर ये सफर इतना आसान नहीं था।

सविता पूनिया के पिता ने बताया कि वो टाइम मिलने पर लड़कों के साथ हॉकी खेलने का अभ्यास करती थी। लड़के पावर के साथ ड्रैग फ्लिक शॉट मारते थे, उन्हें रोकने के लिए काफी ताकत लगानी पड़ती थी। यही कारण था कि वर्ल्‍ड हॉकी लीग में एक बार जापान से खेलते हुए सात पेनल्टी कार्नर के दौरान ड्रग फ्लिक शॉट को भी रोका जा सका। आज आस्‍ट्रेलियन टीम के सामने भी सविता ने यही किया।

पिछले ओलंपिक में 36 साल के बाद ओलंपिक क्वालिफाई करने के लिए वुमेन हॉकी टीम में सविता की अहम भूमिका रही थी। वहीं इस बार पदक दिलाने में रहेगी। क्‍वार्टर फाइनल तक लेकर जाने में भी उन्‍होंने अहम योगदान दिया है। सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी टीम की उपकप्‍तान भी हैं। कोच आजाद सिंह मलिक ने बताया कि सविता के हुनर का कोई जवाब नहीं। उन्होंने बताया कि सविता पहले फुल बैक खेलती थी, तब पुराने कोच सुंदर सिंह खर्ब ने सविता को खेलते हुआ देखा और उसे कहा कि तुम गोल कीपर ज्यादा अच्छी बन सकती हो। बस तभी से सविता की सफलता का दौर शुरू हो गया। सविता एशिया कप राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पांच से छह बार बेस्ट गोल कीपर चुनी जा चुकी हैं, वहीं एशियन गेम्स में ब्रांज मेडल जीत चुकी हैं।

सविता पूनिया की जीत पर झूमे स्वजन, पिता बोले, सविता के खेल से टीम को मिली मजबूती

टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय हाकी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने वाली सविता पूनिया के स्वजनों ने गांव जोधकां स्थित अपने आवास में मैच को लाइव देखा। लाइव के दौरान बार बार आस्ट्रेलिया टीम के आगे दीवार बनकर खड़ी अपनी बेटी को देख कर पूरा परिवार फूलां नहीं समा रहा था। सविता पूनिया के पिता महेंद्र सिंह पूनिया बोले कि पूरी टीम बहुत अच्छा खेली। उन्होंने कहा कि बेटी सविता जैसे ही पेनल्टी रोक रही थी इससे टीम को काफी मजबूती मिली। जैसे ही भारतीय टीम ने जीत हासिल की परिवार के साथ मिठाई बांटकर खुशी मनाई।

जीत के बाद खुशी जाहिर करते सविता पूनिया के पिता माता व अन्य परिजन।

----हरियाणा के सिरसा जिले के गांव जोधकां में सविता के पिता महेंद्र सिंह पूनिया, मां लीलावती, दादी उमा देवी, भाई अशोक, बहन किरण व मंजू, भतीजे रवि सिंह ने मैच का लाइव प्रसारण देखा। मैच के दौरान राेमांचक पलों में परिवार के सदस्य ध्यान पूर्वक मैच देखते दिखाई दिए। आस्ट्रेलिया टीम की खिलाड़ी जब जब गोल करने के लिए आगे बढ़ी तो सविता पूनिया ने गोल कीपर के रूप में शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उसके स्वजन भी खुशी से झूम उठे। सविता के पिता महेंद्र सिंह पूनिया ने बताया कि वह फार्मासिस्ट हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को लोग बेटों की तरह ही प्यार दें तो बेटियां बहुत कुछ कर सकती है।

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