जनसमस्याओं के समाधान के लिए वार्ड-11 के पार्षद ने अफसरों को नींद से जगाने के लिए बजवाए ढोल

हाथ में बैनर लिए ढोल बजाते हुए वार्ड-11 के निवासियों ने नगर निगम का घेराव किया। उन्होंने ढोल बजाकर नगर निगम की सुस्त और लापरवाह कार्यप्रणाली की पोल खोली और रोष प्रकट किया। कारण है कि वार्ड-11 में पिछले लंबे समय से अमृत योजना के तहत सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने का काम हो रहा है।

JagranMon, 13 Sep 2021 10:26 PM (IST)
जनसमस्याओं के समाधान के लिए वार्ड-11 के पार्षद ने अफसरों को नींद से जगाने के लिए बजवाए ढोल

जागरण संवाददाता, हिसार : हाथ में बैनर लिए, ढोल बजाते हुए वार्ड-11 के निवासियों ने नगर निगम का घेराव किया। उन्होंने ढोल बजाकर नगर निगम की सुस्त और लापरवाह कार्यप्रणाली की पोल खोली और रोष प्रकट किया। कारण है कि वार्ड-11 में पिछले लंबे समय से अमृत योजना के तहत सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने का काम हो रहा है। लेकिन उसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि विकास जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया। विकास के नाम पर गलियां खोदकर छोड़ दी है जिसके कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामने करना पड़ रहा है। वार्डवासियों ने निगम कमिश्नर को चेताया कि यदि एक अक्टूबर तक सड़कें दुरुस्त नहीं की तो दो अक्टूबर को वार्डवासियों से बातचीत कर हर घर से दो-दो व्यक्ति एकजुट होकर निगम में धरना प्रदर्शन करेंगे। सत्ता पक्ष के ही लोग कर रहे रोष प्रदर्शन

शहर में विकास किस कदर हो रहा है इसका उदाहरण मौजूदा कुछ समय में ढोल बनाकर अफसरों को जगाने के प्रयास की हुई दो घटनाओं से स्पष्ट कर दिया है। पहले जहां जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान सत्तापक्ष के पार्षदों को अफसरों को नींद से जगाने के लिए विपक्ष के पार्षदों को ढोल का सहारा लेना पड़ा था। वहीं अब वार्ड-11 में भी सत्तापक्ष के मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू के नेतृत्व में वार्डवासियों ने प्रदर्शन किया। वहीं मौजूदा पार्षद सरोज बाला प्रदर्शन में शामिल नहीं हुई। जिस ठेकेदार ने डेढ़ साल में नहीं किया काम, उसे भी फिर सौंपा टेंडर

पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि मेरे पार्षद कार्यकाल के दौरान 14 लाख रुपये स्टेडियम के लिए जारी करवाए थे। जिसमें वार्ड में बनने वाले स्टेडियम की चार दीवार व गेट बनाना था। ठेकेदार ने डेढ़ साल में भी काम पूरा नहीं किया। बाद में इस कार्य का दोबारा टेंडर किया वह भी उसी ठेकेदार को सौंप दिया उसने डेढ़ साल से अब तक नहीं किया। यानि लापरवाह लोगों को ही बार बार टेंडर दिया जा रहा है। लोगों ने हाथों में बैनर पर ये शब्द से अंकित

- विकास की तलाश वार्ड-11 सातरोड खास

- भ्रष्टाचार ने घोटा विकास का गला छोटी सातरोड बना मौत का जिला

- गलियां नालियां बनी गले की फांस, सातरोड को नहीं सरकार से कोई आस

- सातरोड को बर्बाद करने वालों जनता माफ नहीं करेगी। भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार सातरोड का बुरा हाल विकास के नाम पर हो रही औपचारिकता

वार्ड-11 में विकास के नाम पर केवल औपचारिकताएं ही हो रही है। हमने कमिश्नर से गली निर्माण की मांग की है। उन्हें एक अक्टूबर तक का समय दिया है। यदि इस समय अवधी में गलियां दुरुस्त नहीं हुई तो वार्डवासियों के साथ मिलकर निगम में ही धरना प्रदर्शन करेंगे।

- राजपाल मांडू, मनोनीत पार्षद, हिसार।

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