साइकिल ले कार की जगह, एचएयू ने छेड़ी बदलाव की बयार, आस्ट्रेलिया में भी युवाओं ने बहाया पसीना

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा वर्चुअल साइक्लिंग इवेंट आयोजित किया गया।
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 01:04 PM (IST) Author: Manoj Kumar

हिसार, जेएनएन। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में प्रदूषण के चलते होने वाली बीमारियों से विश्वभर में करीब 42 लाख लोगों की असामयिक मौत हुई थी। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि सोचने पर ही हैरान कर देता है। लोगों में कार की जगह साइकिलिंग का प्रयोग बढ़े इसके लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय के पारिवारिक संसाधन प्रबंधन विभाग की इवेंट मैनेजमेंट में कौशल विकास के विद्यार्थियों द्वारा वर्चुअल साइक्लिंग इवेंट आयोजित किया गया। जिसमें करीब 200 लोगों ने एक साथ साइकिलिंग की।

खास बात यह है कि हिसार ही नहीं बल्कि इसमें आस्ट्रेलिया से भी युवाओं ने जुड़कर साइकिलिंग कर प्रदूषण मुक्त धरा का संदेश दिया। खास बात है कि इस इवेंट में छोटे बच्चों ने भी अपनी रुचि दिखाई। छोट-छोटे बच्‍चों ने अपनी साइकिल से 5-5 किलोमीटर तक साइकिलिंग कर पर्यावरण के प्रति चिंता को जाहिर किया। विभागध्यक्ष प्रो मंजू मेहता व प्रो किरण सिंह की देखरेख में यह इवेंट आयोजित किया गया।

चार श्रेणी में आयोजित की गई थी प्रतियोगिता

इस इवेंट को चार श्रेणी में आयोजित किया गया था। जिसमें 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर,  20 किलोमीटर और 50 किलोमीटर साइकिल चलानी थी। इवेंट में भाग लेने वा में सबसे अधिक 50 किलोमीटर साइकिल चलाने वाले लोग रहे। खास बात है कि इन सभी को अपना साइकिलिंग का रिकार्ड एक एप में दर्ज करना था, उसके आधार पर ही लोगों को ई-सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इस प्रतियोगिता में युवा ही नहीं बल्कि एचएयू की कई महिला शिक्षिकाओं ने भी भाग लिया।

एक किलोग्राम वजन घटाने को 7 हजार कैलोरी होती हैं बर्न

साइकिलिंग आपके स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छी है। चिकित्सक बताते हैं कि एक किलोग्राम वजन कम करने के लिए 7 हजार कैलोरी बर्न करनी होती है। अगर आप 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से साइकिल चलाते हैं तो करीब 563 कैलोरी बर्न कर सकते हैं। अब आप अंदाजा लगाइए कि एक किलोग्राम वजन घटाने के लिए आपको कितनी साइकिलिंग चलानी होगी। इससे आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा और पर्यावरण को भी संरक्षण मिलेगा।

इन कहानियों से समझिए साइकिलिंग ने कैसे बदल दी जिंदगी

30 साल पुरानी स्मोकिंग की लत छूटी

प्रवीन नारंग बताते हैं कि यूं तो वह बचपन से ही साइकिलिंग करते रहे हैं, मगर दो साल पहले वह गंभीरता से जुड़े। हिसार रोडीज ग्रुप के साथ शामिल होकर उन्होंने सैकड़ों किलोमीटर साइकिलिंग की है। इसके साथ ही इंटरनेशनल साइकिलिंग इवेंट में भी भाग लिया है। इस साइकिलिंग का फायदा यह रहा कि उन्होंने 15 किलोग्राम वजन तो घटाया साथ ही अपनी 30 साल पुरानी स्मोकिंग की लत भी इससे छूट गई। अब वह दूसरों के को भी साइकिलिंग के लिए प्रेरित करते

------जरूरी नहीं है कि आप साइकिल चलाने के लिए अलग से समय निकालें, आप चाहें तो अपने रोजाना के कामों को पूरा करने के लिए भी साइकिल चला सकते हैं, ये छोटी सी कोशिश आपको व्यायाम जितना फायदा पहुंचाएगी,  हर रोज कुछ मिनट साइकिल चलाकर भी आप फिट रह सकते हैं

----- डा. बिमला ढांडा, डीन, गृह विज्ञान महाविद्यालय

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