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बड़ी बच्ची की गर्दन और स्पाइनल कॉर्ड तो छोटी बच्ची की मुख्य नस कटने से हुई मौत

संवाद सहयोगी,बरवाला : खेदड़ गांव में एक राजस्थानी बंजारा भाट परिवार की एक महिला चारिया द्वारा अपनी बेटियों की बेदर्दी से हत्या की गई थी। बच्चियों के शरीर पर एक-एक चाकू का निशान मिला है। बड़ी बेटी ममता की मौत पीठ की तरफ गर्दन और स्पाइनल कॉर्ड कटने से हुई। वहीं छोटी बेटी किरण की मुख्य नस कट गई थी, इससे दोनों की मौत हुई थी। बच्ची की मौत के बाद पोस्टमार्टम के लिए डाक्टरों का बोर्ड बनाया गया था। दूसरी तरफ अभी महिला से पूछताछ नहीं हो पाई है। उसकी हालत खराब होने के कारण वह अभी बयान देने लायक नहीं है। पोस्टमार्टम करवाकर दोनों के शव अहमद और अन्य स्वजनों के हवाले कर दिए गए, जिन्होंने शव हिसार की श्मशान भूमि में दफना दिए।

वहीं दूसरी तरफ अपने गले की नस काट कर आत्महत्या का प्रयास करने वाली चारिया हिसार के नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन है। वहां पर उसका गले का ऑपरेशन भी किया गया है।

बरवाला के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपित चारिया अभी मेडिकली फिट नहीं है। मेडिकली फिट होते ही उससे पूछताछ की जाएगी।

अहमद ने अपने दर्ज कराए बयान में पुलिस को बताया था कि उसकी शादी जिला झुंझुनू के गांव नगली निवासी चारिया के साथ 6 जून 2016 को हुई थी। उनकी संतान के रूप में दो लड़कियां हुर्इं। वह लगभग 4 महीने पहले खेदड़ में सड़क बनाने के लिए आया था। उसके साथ उसके माता-पिता, उसका छोटा भाई ठाकर और भाई की पत्नी जम्मू भी साथ आए थे। सुबह वह तथा उसका भाई दोनों काम पर चले गए। दोपहर को उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी ने अपने गले की नस काट ली है। वह और उसका भाई जब अपनी झुग्गियों में खेदड़ गांव में पहुंचे तो वहां पर एंबुलेंस आ गई और चारिया को एंबुलेंस में डालकर सरकारी अस्पताल बरवाला ले जाया गया। वहां से उसे हिसार के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इसके बाद उनके पास घटनास्थल से फोन आया कि उनकी दोनों लड़कियां ममता और किरण झुग्गी में ही बिस्तर में लिपटी मृत अवस्था में पड़ी हैं। उनका भी तेजधार चाकू से गला कटा हुआ है।

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