Suicide in GJU: कमेटी ने 11 पेज की रिपोर्ट कुलपति को सौंपी, दोबारा ऐसा न हो, दिए 70 सुझाव

जीजेयू में शोध छात्र निवारण कमेटी का गठन किया जाएगा। प्रो. बीके पुनिया की तीन सदस्यीय कमेटी के सुझाव पर यह कदम उठाया गया है। उधर पीएचडी छात्रा के सुसाइड मामले में समझौते की सूचना वायरल हुई थी। छात्रा के पिता ने साफ इन्कार कर दिया है।

Umesh KdhyaniSat, 12 Jun 2021 09:12 AM (IST)
प्रो. बीके पूनिया की कमेटी ने ऐसे मामले रोकने के लिए 70 सुझाव दिए हैं।

हिसार, जेएनएन। जीजेयू में पीएचडी छात्रा के सुसाइड मामले के बाद कुलपति द्वारा प्रो. बीके पूनिया की अध्यक्षता में बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कमेटी ने ऐसे मामले दोबारा ना हो इसके लिए 70 सुझाव दिए हैं।

इनमें शोध करने वाले छात्रों को उचित माहौल देने के साथ ऐसे मामलों से बचाव के लिए शोध छात्र निवारण कमेटी यानि ग्रीवांस कमेटी बनाने का सुझाव दिया था। जिसे कुलपति ने मानते हुए जीजेयू में 6 लोगों की शोध छात्र निवारण कमेटी बनाई है। इसमें दो सीनियर प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर, दो असिस्टेंट प्रोफेसर को लिया गया है। डीन रिसर्च की अध्यक्षता में यह 6 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी में फिजिक्स विभाग के प्रो. देवेंद्र मोहन, प्रो. एसची गर्ग, डा. राजीव कुमार, डा. कश्मीरी लाल, डा. अनु गुप्ता शामिल है।

समझौता करने की बात को पिता ने नकारा

इधर पीएचडी छात्रा के सुसाइड मामले में समझौता करने की सूचना वायरल होने पर मृतका के पिता ने बताया कि उन्होंने मामले में किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया है। मृतक छात्रा के पिता ने बताया कि वे मामले में पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई से संतुष्ट हैं। गौरतलब है कि इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी ने आरोपित प्रो. संदीप और प्रो. नमिता के बयान लिए है। कमेटी अभी मामले की जांच कर रही है।

पिता ने विभाग के चेयरपर्सन व गाइड पर लगाए थे आरोप

मामले में मृतका के पिता ने विभाग के चेयरपर्सन प्रो. संदीप पर उसकी बेटी से अवैध संबंध बनाने के लिए दबाव देने का और छात्रा की गाइड प्रो. नमिता पर मामले में संलिप्त होने के आरोप लगाए थे। मामले में राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया था, जिसके बाद पुलिस ने एसआइटी कमेटी गठित की थी। वहीं जीजेयू ने भी जांच कमेटी में दो सदस्य और जोड़े थे। साथ ही विभाग के चेयरपर्सन को जांच पूरी होने तक शैक्षणिक कार्यों से दूर कर दिया गया था।

तीन सदस्यीय कमेटी ने रिपोर्ट में यह सुझाव दिए

तीन सदस्यीय कमेटी ने 70 सुझावों में पीएचडी में दाखिले से लेकर कंपलीट करने तक हर पहलू पर सुझाव दिए है। इसमें ऐसे सुझाव दिए गए है, जिसमें छात्रों की शिक्षा के दौरान हुई हर स्तर की समस्या का समाधान होगा। छात्रों को आदर्श शोध वातावरण देने के लिए कमेटी का गठन किया गया था। इसमें यह भी बताया गया है कि विद्यार्थियों की क्या अपेक्षाएं विश्वविद्यालय, शिक्षकों और अपने पीएचडी गाइड से है और शिक्षकों के क्या कर्तव्य होने चाहिए। किसी तरह की समस्या छात्रों को आने पर किस तरह से समाधान किया जाए। ऐसे मामले दोबारा ना हो इसके लिए शिक्षकों को क्या करना चाहिए और क्या छात्रों को करना चाहिए, पीएचडी छात्रों को किसी तरह की समस्या आती है तो उन्हें कमेटी में अपनी शिकायत देनी होगी। उनके मामलों की गहनता से जांच की जाएगी।

राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन अगले सप्ताह आएंगी जीजेयू

इधर इस मामले में चल रही कार्रवाई और मामले का स्टेटस जानने के लिए राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज अगले सप्ताह जीजेयू का दौरा करेगी। प्रीति भारद्वाज ने बताया कि यह मामला काफी गंभीर है और इस मामले की तह तक जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जीजेयू कुलपति ने उनके पास स्टेट्स रिपोर्ट भेजी है, जिसमें प्रो. संदीप को शैक्षणिक कार्यो से दूर रखने और जांच कमेटिया गठित करने की बात लिखी गई है।

छात्रों को उचित माहौल उपलब्ध करवाएगी कमेटी

जीजेयू कुलपति प्रो. टंकेश्वर ने कहा कि तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपेार्ट सौंपी दी है। रिपोर्ट के सुझाव के आधार पर ग्रीवांस कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी शोध करने वाले छात्रों को उचित माहौल देने में मुख्य भूमिका निभाएगी।

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