ब्लैक फंगस से पीड़ित 100 लोगों ने अग्रोहा मेडिकल में दो-तीन बार कराई सर्जरी फिर भी मिली मौत

अग्रोहा मेडिकल में मई से लेकर अब तक कुल मिलाकर 112 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें से 100 मरीजों की दो से तीन बार सर्जरी भी की गई है लेकिन इसके बावजूद ब्लैक फंगस ने इनकी जान ले ली।

Manoj KumarSun, 05 Dec 2021 08:36 AM (IST)
हिसार में ब्लैक फंगस के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं।

सुभाष चंद्र, हिसार: कोरोना और डेंगू के मामलों के बीच ब्लैक फंगस के मामले भी लगातार सामने आ रहे है। अग्राेहा मेडिकल में इन दिनों कभी चार तो कभी दो मामले ब्लैक फंगस के मिल रहे है। अग्रोहा मेडिकल में मई से लेकर अब तक कुल मिलाकर 112 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 100 मरीजों की दो से तीन बार सर्जरी भी की गई है, लेकिन इसके बावजूद ब्लैक फंगस ने इनकी जान ले ली। अग्रोहा मेडिकल कालेज में मई से अब तक 445 ब्लैक फंगस के मामले मिल चुके है। इनमें अधिकतर मामले हिसार के है।

इन मरीजों की 350 सर्जरी की जा चुकी है। इनमें दांतों की, कानों की और आंखों की सर्जरी की गई है। क्योंकि ब्लैक फंगस ने शरीर के इन हिस्सों पर अधिक प्रभाव डाला है, फंगस के दिमाग तक पहुंचने के भी कई मामले मिल चुके है। पिछले कुछ दिनों से डेंगू, कोरोना के साथ ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस के मामले भी बढ़े है।

पोस्ट कोविड और शुगर के मरीजों में अधिक होता है ब्लैक फंगस -

ब्लैक फंगस के मामलों में देखने में आया है कि ब्लैक फंगस अधिकतर पोस्ट कोविड और शुगर के मरीजों को हुआ है। ब्लैक फंगस कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को होता है। पोस्ट कोविड मरीजों में, बीपी कम होने से और शुगर के मरीजों में इम्यूनिटी कमजोर होने से ब्लैक फंगस के मामले अधिक मिले है। इन बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को ब्लैक फंगस होने का खतरा अधिक रहता है।

यह होते है लक्षण

ब्लैक फंगस में अचानक दांत हिलने लग जाते है। इसके साथ आंखों मेें दर्द, धुुंधला दिखाई देना, सिर के एक हिस्से में दर्द होना जैसे लक्षण सामने आते है। सिविल अस्पताल से डा. बंसी ब्लैक फंगस मरीजों के जबड़े की करीब 60 सर्जरी कर चुके है। ब्लैक फंगस में दांत हिलने लग जाते है। मुंह के अंदर कई बार काला बिंदू नजर आता है तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है। अचानक दांत हिलने लग जाए तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है। कई बार मसूड़े भी सूजते है और दांतों में दर्द होता है। ऐसे में किसी डेंटल सर्जन से संपर्क करना चाहिए। कहीं से भी दवा न लें।

-- -- -- ब्लैक फंगस के कई मामलों में सामने आया कि जो ब्लैक फंगस के मरीज थे वे जिस अस्पताल में उपचार करवाने गए, उन्हें बताया नहीं गया था कि वे कोरोना मरीज है, उनका टाइफाइड या सामान्य बुखार का उपचार किया जाता रहा। इसलिए उनको जो स्टेरायड दी गई, उनकी वजह से उनमें ब्लैक फंगस के लक्षण उभरें और उन्हें सही उपचार न मिलने से ब्लैक फंगस के मरीज बन गए। अचानक दांतों में दर्द हो या दांत हिलने लगे तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है।

डा. बंसीलाल, सिविल अस्पताल, हिसार।

-- -- - ब्लैक फंगस के 112 मरीजों में से 100 मरीजों की सर्जरी करने के बाद भी मौत हुई है। कोरोना मरीजों को और शुगर के मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरुरत है। सभी लोगों से अनुराेध है कि शादी, पार्टी में जाए तो दूरी बनाकर रखें।

डा. अलका, डायरेक्टर, अग्रोहा मेडिकल कालेज, हिसार।

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