Samart Classes: हरियाणा में डिजिटल हुए सरकारी स्कूल, स्मार्ट क्लास रूम में बच्चे कर रहे हैं पढ़ाई

हरियाणा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास किसी निजी स्कूलों में नहीं है। बल्कि राजकीय प्राथमिक स्कूलों में देखने को मिल रहा है। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई बिल्कुल स्मार्ट तरीके से स्मार्ट टीवी पर हो रही है।

Rajesh KumarTue, 21 Sep 2021 09:45 AM (IST)
सिरसा में 36 सरकारी स्कूलों में लगे 91 डिजिटल बोर्ड।

जागरण संवाददाता, सिरसा। जो कक्षा कभी विद्यार्थियों को बोझिल हुआ करती थी, वहां पढ़ाई आकर्षक करने लगी है। अध्यापकों को पढ़ाता देख जिन्हें नींद आती थी, अब वही बच्चे झूमते, गाते और नाचते हुए पढ़ाई कर रहे हैं। ये नजारा स्मार्ट क्लास का है। ये स्मार्ट क्लास किसी निजी स्कूलों में नहीं है। बल्कि राजकीय प्राथमिक स्कूलों में देखने को मिल रहा है। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई बिल्कुल स्मार्ट तरीके से स्मार्ट टीवी पर हो रही है। माडल स्कूलों के पश्चात अब जिला के 36 सरकारी स्कूलों में 91 डिजिटल बोर्ड लगा दिए गये हैं। जिसके माध्यम से विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी महंगे निजी स्कूलों के बच्चों को टक्कर देंगें।

आधुनिकता से रोचक पढ़ाई

सरकारी स्कूल व निजी स्कूल कोविड 19 को लेकर बंद थे। अब स्कूल खुलते ही स्कूलों में स्मार्ट क्लास से पढ़ाई करवाई जा रही है। स्मार्ट क्लास में आधुनिक पाठ्य सामग्री को बच्चों के लिए बेहद रोचक बनाया गया है। जो कविताएं व पहाड़ा उन्हें रटाया जाता था, उसे अब बच्चे गाकर पढ़ रहे हैं। साउंड सिस्टम और प्रोजेक्टर व टीवी स्क्रीन पर बच्चों को जो पढ़ाया जाता है, वही लिखा हुआ देखते हैं और सटीक उच्चारण भी सुनाई देता है। इससे जहां बच्चों को मस्ती-मस्ती में पढ़ाना रोचक हुआ, वहीं बच्चे भी तेजी से सीख रहे हैं। इस पाठ्यक्रम में बच्चों के लिए मूल्यों की शिक्षा भी दी जा रही है, जिससे उन्हें सदाचार व आचरण भी साथ-साथ सिखाया जा सके।

रोचक हुआ विषयों को पढ़ना-पढ़ाना

सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास पाठ्यक्रम में हिंदी व अंग्रेजी विषयों के पाठ्यक्रम को शामिल किया हुआ है। शिक्षक कक्षा में जो भी पढ़ाती हैं उसका प्रैक्टिकल भी बच्चों को उसी समय दिखाने व समझाने में सक्षम है। विषयों में अब इक्वेशन के एप्लीकेशन को विजुअल सपोर्ट के साथ क्लास में ही दिखाया जाता है, जिससे हर क्रिया पर होने वाली प्रतिक्रिया भी उसी समय दिख जाती है।

अध्यापकों को दिया गया प्रशिक्षण

सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास शुरू करने से पूर्व सभी अध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया है। इससे उन्हें स्मार्ट क्लास में बच्चों को ढालने में सहजता हो रही है। पांच कक्षाओं में स्मार्ट क्लास चलने से सभी शिक्षिकाएं सभी कक्षा को इससे जोड़ रही हैं। पुलिस लाइन स्थित राजकीय मिडल स्कूल की इंचार्ज रेखारानी ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई रुचिकर ही होनी चाहिए और हमें स्मार्ट क्लास में बढ़ी हुई रुचि दिख रही है। स्मार्ट क्लास से बच्चों को काफी फायदा मिल रहा है। बच्चे भी बड़ी लगन से कक्षा लगते हैं।

36 सरकारी स्कूलों में लगे हैं डिजिटल बोर्ड

समग्र शिक्षा अभियान के सहायक परियोजना अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि माडल स्कूलों के बाद जिला के 36 सरकारी स्कूलों में 91 डिजिटल बोर्ड लगा दिए गये हैं। जिसके माध्यम से विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आसानी होगी। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.