बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में दवाइयों का टोटा, ओपीडी में बाहरी लोग कर रहे मरीजों की जांच

इसकी शिकायत के बाद भी सिविल अस्पताल प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।

बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। दवाइयां खरीदने के बाद चिकित्सक ओपीडी में हर मरीज को दोबारा बुला रहे। डोज कैसे लेनी है इसका बहाना बनाया जा रहा है।

Umesh KdhyaniThu, 04 Mar 2021 10:45 PM (IST)

बहादुरगढ़, जेएनएन। शहर के सिविल अस्पताल में लाखाें रुपये का बजट होने के बाद भी दवाइयों का टोटा बना हुआ है। भारी संख्या में मरीजों को दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। इसके अलावा हड्डी रोग विभाग में चिकित्सकों के साथ-साथ बाहरी व्यक्तियों का भी ओपीडी में बोलबाला है। ये मरीजों की जांच भी करते हैं तथा उन्होंने स्पष्ट रूप से बता भी दे रहे हैं कि पर्चे पर लिखी कितनी दवाइयां बाहर से मिलेंगी। अधिकांश पुराने मरीजों को तो बाहर की ही दवाइयां लिखी जाती हैं तथा यह भी बोल दिया जाता है कि दवाइयां खरीदने के बाद दिखाकर जाना। बहाना होता है कि दवाइयां कैसे लेनी हैं, इसकी जानकारी दी जाएगी। इनमें रेनटेक व डाइक्लो आदि सामान्य दवाइयां भी शामिल हैं, जो बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। इसकी शिकायत के बाद भी सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में मरीजों की जेबें खाली हो रही हैं। उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जनवरी माह में दी गई शिकायत, जांच अब तक नहीं

हड्डी रोग विभाग में बाहरी व्यक्ति की ओर से मरीजों की जांच करने व दवाइयां लिखने की शिकायत दिसंबर 2020 में एक मरीज ने दी। बाद में सात जनवरी को उसने लिखित में भी शिकायत दी लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब तक जांच भी शुरू नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में जांच के बाद उसे बाहर की दवाइयां लिखी गई और एक विशेष कंपनी की दवा खरीदने को मजबूर किया गया।

---मेरी पत्नी काे हाथ में दर्द है। सिविल अस्पताल से इलाज चल रहा है। वीरवार को जांच कराने पहुंचे तो चिकित्सक ने तीन दवाएं लिखीं। तीनों ही बाहर की थीं। सिविल अस्पताल में एक भी दवा नहीं मिली।

- अनिल, बहादुरगढ़।

---मेरे पैर में चोट लगी थी। सिविल अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में दवा लेने आया था। दो तरह की टेबलेट मिली लेकिन तीन टेबलेट बाहर से लाने को बोला गया और दिखाकर जाने की बात कही गई। मेरे पास तो पैसे भी नहीं है। दवाई कैसे लाऊंगा।

- होशियार सिंह, बहादुरगढ़।

--- कुछ ओपीडी में बीएएमएस डाक्टर इंटर्नशिप कर रहे हैं। वे भी चिकित्सकों के साथ मरीजों की जांच करने में सहयोग कर रहे हैं। बाहर की दवाइयां लिखने और बाहरी व्यक्ति की ओर से किसी ओपीडी में मरीजों की जांच करने का कोई मामला है तो मैं खुद इसकी जांच करूंगा। इस तरह की कोई शिकायत भी पहले दी गई है तो मैं संबंधित को बुलाकर इसकी जांच करूंगा।

- डा. प्रदीप शर्मा, पीएमओ, सिविल अस्पताल, बहादुरगढ़।

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