रोहतक में बिजली निगम के एसडीओ-जेई सहित सात अधिकारियों-कर्मचारियों पर रिश्वत लेने के आरोप, फंसे

रोहतक में अधिकारियों-कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार कलानौर क्षेत्र के सिंहपुरा कलां के ग्रामीणों ने एसडीओ जेई के अलावा सात अधिकारियों-कर्मचारियों पर रिश्वत लेने और रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। यह भी आरोप लगाए हैं

Manoj KumarFri, 03 Dec 2021 10:50 AM (IST)
रोहतक में दो अधिकारियों की जांच में बिजली निगम के अधिकारी फंसे, केस दर्ज की मांग

जागरण संवाददाता, रोहतक। बिजली निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार कलानौर क्षेत्र के सिंहपुरा कलां के ग्रामीणों ने एसडीओ, जेई के अलावा सात अधिकारियों-कर्मचारियों पर रिश्वत लेने और रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। यह भी आरोप लगाए हैं कि बिजली अधिकारियों के अधिकारी मामले को दबाने के लिए आरोपित अधिकारियों पर पुलिस केस दर्ज नहीं करा रहे हैं। पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्थानीय लोगों ने बुधवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से शिकायत की। इसके साथ ही आरोपित अधिकारियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराने की मांग की है। वहीं, पूरे मामले को लेकर अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट से अनभिज्ञता जताई है।

सिंहपुरा पंचायत के पूर्व सरपंच ऋषिपाल ने सिटी मजिस्ट्रेट की जांच का हवाला दिया है कि 10 ग्रामीणों ने शपथ-पत्रों के साथ ही जांच रिपोर्ट सौंपी है। शपथ-पत्र देने वालों में हरिओम ने जेई पवन सैनी व बगैर नाम वाले लाइनमैन को ओल्ड आइटीआइ पुल के नीचे चार हजार रुपये रिश्वत देने के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही नया मीटर लगवाने के लिए 400 रुपये लेने के आरोप हैं। इसी तरह से ग्रामीण राजू ने शपथ-पत्र देकर संदीप जेई, प्राइवेट व बगैर नाम वाले लाइनमैन पर छह हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप हैं। इसी तरह से नए मीटर लगवाने के नाम पर भी 300 रुपये रिश्वत लेने के आरोप हैं।

ग्रामीण विनोद कुमार ने शपथ-पत्र देकर जेई पवन सैनी व लाइनमैन पर छह हजार रुपये और नए मीटर के लिए 500 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीण जगमेंद्र ने 500 रुपये प्रति माह बिजली चोरी कराने के लिए रिश्वत लेने के आरोप हैं। ग्रामीण राजेश और मुकेश ने एक तत्कालीन एसडीओ पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने और बिजली चोरी कराने के लिए 500-500 रुपये प्रति माह रिश्वत लेने के आरोप ओम प्रकाश नंबरदार ने लगाए हैं। वहीं, जांच में तत्कालीन एसडीओ बच्चा छोटा होने का हवाला देकर शामिल न होने के आरोप हैं।

अब डिप्टी सीएम व उपायुक्त से न्याय की लगाई गुहार

सिंहपुरा कलां के पूर्व सरपंच ऋषिपाल, सुरेंद्र, राजपाल, जगदीश, रिंकू, पवन, जगमेंद्र, राकेश कुमार, फूल कुमार आदि ने आरोप लगाए हैं कि एक निजी कंपनी के कर्मचारियों के अलावा तत्कालीन एसडीओ मनीता धनखड़, जेई पवन सैनी, जेई अर्जुन, जेई सत्यवान, लाइनमेन राजेंद्र हुड्डा, निजी कंपनी के कर्मचारी संदीप पर तंग करने के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों ने रिश्वत लेने और मांगने के आरोप हैं। इसके साथ ही बिजली चोरी करवाने के गंभीर आरोप हैं।

निगम के संयुक्त आयुक्त ने भी की जांच

पूर्व सरपंच ऋषिपाल ने आरोप लगाए हैं कि पूरे प्रकरण में हमने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। पूरे प्रकरण में जांच भी हुई। ग्रामीणों का कहना है कि रोहतक के आंबेडकर चौक स्थित नगर निगम कार्यालय में संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने जांच के दौरान बिजली निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही आरोप लगाने वाले सिंहपुरा के ग्रामीणों को भी बुलाया। बताते हैं कि जांच के दौरान एक महिला अधिकारी बार-बार बुलावे के बावजूद बयान देने नहीं पहुंची। उनके स्थान पर मौजूदा एसडीओ पहुंचे। यह भी बताया जा रहा है कि निगम के संयुक्त आयुक्त ने जांच पूरी करके उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार को सौंप दी है।

यहां से शुरू हुआ विवाद, फिर आरोप-प्रत्यारोप लगे

बिजली निगम के सूत्रों का कहना है कि जो भी आरोप हैं वह सिर्फ ग्रामीणों ने खुद के बचाव के लिए लगाए हैं। जबकि पूर्व सरपंच ऋषिपाल के आरोप हैं कि मेरे घर में साल 2018 में मीटर जल गया। इसके बाद औसत बिल आता रहा। बीते साल निगम की टीम ने छापा मारा तो मैंने उन्हें बिल के साथ ही पूरी स्थिति से अवगत करा दिया। मेरे घर में घुसने की कोशिश की तो मैंने यही कहा कि कारण बताएं। बाद में टीम में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों ने मेरे खिलाफ ही केस दर्ज करा दिया।

यह मामला मेरे संज्ञान में इसलिए नहीं है कि मैं कुछ दिन पहले ही ट्रांसफर होकर यहां आया हूं। फिर भी मामले की वीरवार को जानकारी लेंगे।

धर्मबीर, एक्सईएन, बिजली निगम

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मेरे ऊपर निगम की टीम ने मोबाइल तोड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने, धमकी देने, बिजली चोरी करने आदि के मामले में केस दर्ज करा दिए। ग्रामीणों ने शपथ-पत्रों के साथ शिकायत कीं। जांच में निजी कंपनी के कर्मचारियों के अलावा एसडीओ, जेई, लाइनमैन आदि के दोष सिद्ध हो चुके हैं। फिर भी न कोई इनके खिलाफ केस दर्ज हुआ और नहीं सस्पेंड किया गया।

ऋषिपाल, पूर्व सरपंच, सिंहपुरा पंचायत

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