हार रहा कोरोना... भिवानी में 267 गांवों के घर-घर को किया स्कैन, जांच में सामने आई यह बात

भिवानी में कोरोना की दूसरी लहर थम रही है। इससे राहत मिली है। 267 गांवों की स्क्रीनिंग की गई है। दो लाख 30 हजार 945 घरों के सदस्यों की जांच की गई। 11 हजार 580 लोगों संदिग्ध मिले। जबकि 30 हजार 424 लोगों की दोबारा से जांच की गई।

Umesh KdhyaniSat, 12 Jun 2021 03:59 PM (IST)
भिवानी में कोरोना रिकवरी दर 96 फीसद को पार कर चुकी है।

भिवानी, जेएनएन। कोरोना महामारी को हराने के लिए गांवों पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। हर ग्रामीणों की जांच के लिए अलग से टीमों का गठन किया गया। कोरोना संक्रमण के बीच 267 गांवों को पूरी तरह से स्कैन कर लिया गया है। यानी इन गांवों के दो लाख 30 हजार 945 घरों के सदस्यों की जांच की जा चुकी है। इसमें 30 हजार से ज्यादा लोगों की दोबारा से भी जांच की गई। स्कैनिंग की बदौलत की धीरे-धीरे कोराेना संक्रमित कम हो रहे हैं। अब गांवों में 115 कोरोना संक्रमित ही बचे हैं।

कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही थी। इस बार गांवों में हालात ज्यादा खराब हुए। कोरोना जांच से भी ग्रामीण घबराए तो मौत ज्यादा हुई तो कोरोना के रिकार्ड में नहीं आई। कारण था जांच नहीं होना। प्रशासन ने गांवों में जांच का दायरा बढ़ाया तो अब जिले के 267 गांवों को पूरी तरह से जांचा जा चुका है। गांवों के हर घर व्यक्ति की घर-घर जांच की गई है। इसमें डाटा पर नजर डालें तो दो लाख 30 हजार 945 घरों के सदस्यों के 10 लाख 18 हजार 959 लोगों की जांच की गई। इसमें 11 हजार 580 लोगों संदिग्ध मिले जबकि 30 हजार 424 लोगों की दोबारा से जांच की गई। कोरोना के आंकड़ों को देखें तो जिले में ठीक होने का फीसद अब 96 फीसद से ज्यादा हो गया है। यदि हम पिछले सात दिन की बात करें तो 240 फीसद से ज्यादा तेजी से संक्रमित ठीक हुए हैं। 

भिवानी जिले में अधिकतर बेड खाली

कोरोना महामारी बढ़ने के दौरान काफी ज्यादा बेड की समस्या पैदा हो गई है। तेजी से लोगों को सुविधा देने के लिए गांवों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए। अब हालात यह है कि आइसोलेशन वार्ड छोड़े शहर में अधिकतर बेड खाली पड़े है। आइसीयू में आक्सीजन बेड में आज के दिन में 119 बेड खाली है। इसी प्रकार आक्सीजन बेड 362 और बिना आक्सीजन बेड 608 खाली पड़े हैं। इसके अलावा 26 वेंटिलेटर भी खाली हैं। 

24 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का स्टॉक

जिले में इस समय 24 मीट्रिक टन आक्सीजन का स्टाक पड़ा है। पहले के समय में आक्सीजन की मांग बहुत ज्यादा थी। हालात यह थे कि इसका मिलना तक मुश्किल हो गया था। इसके अलावा प्रशासन ने 646 आक्सीजन सिलेंडर और 140 कंसंट्रेटर का इंतजाम भी किया हुआ है। जरूरत पड़ने पर इनका प्रयोग किया जाता हैं।

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