सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने किया आंदोलन का ऐलान, कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाली की मांग

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा की अध्यक्षता में कर्मचारी भवन में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कच्चे कर्मियों को पक्का करवाने पुरानी पेंशन बहाली व छंटनी व बर्खास्त किए गए कर्मियों को लामबंद करके प्रदेशव्यापी आंदोलन का फैसला लिया है।

Rajesh KumarSat, 18 Sep 2021 04:26 PM (IST)
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा अपनी मांगों को लेकर करेगा प्रदेशभर में आंदोलन।

जागरण संवाददाता, रोहतक। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कच्चे कर्मियों को पक्का करवाने, पुरानी पेंशन बहाली व छंटनी व बर्खास्त किए किए कर्मियों को लामबंद करके प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने का फैसला लिया है। यह निर्णय शनिवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा की अध्यक्षता में आयोजित कर्मचारी भवन में आयोजित राज्य कार्यकारिणी की बैठक लिया गया। महासचिव सतीश सेठी द्वारा संचालित इस बैठक में सकसं की केन्द्रीय कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्यों तथा जिला प्रधान व सचिव के अलावा विभागीय संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारियों ने भाग लिया। सर्व सम्मति से पारित किए गए आंदोलन के प्रस्ताव में 27 सितंबर को राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना एवं जन सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ निजीकरण विरोधी दिवस का आयोजन करने का फैसला लिया गया। जिसके अनुसार खंड स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। सकसं ने संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के साथ एकजुटता प्रकट करने का भी फैसला लिया गया।

बैठक के बाद शुरू होगा आंदोलन

प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि 25 सितंबर को नौकरी से बर्खास्त पीटीआई, ड्राइंग टीचर, ग्रुप डी खेल कोटे, स्वास्थ्य व आईटीआई सहित बर्खास्त कर्मचारियों की बैठक आयोजित कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसी प्रकार कच्चे कर्मियों को पक्का करने की नीति बनाने और तब तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर 17 अक्टूबर को राज्य स्तरीय बैठक की जाएगी और एनपीएस से संबंधित कर्मचारियों को लामबंद करके निर्णायक का निर्माण करने के लिए 24 अक्टूबर को राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।

मांग पत्र व आंदोलन के समर्थन चलेगा जन अभियान

राज्य कार्यकारिणी की बैठक में निर्णायक आंदोलन के लिए मांग पत्र को अंतिम रूप दिया गया। सर्व सम्मति से लिए गए निर्णय अनुसार 15 अक्टूबर तक सभी विभागीय यूनियनों की राज्य कार्यकारिणी की बैठकें आयोजित कर संगठनों को चुस्त-दुरुस्त करके निर्णायक आंदोलन की तैयारी करने का आह्वान किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों में गेट मीटिंग आयोजित कर मांग पत्र को पढ़ा जाएगा।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.