काली देवी रोड के सैंपल एक बार फिर फेल

बहुचर्चित काली देवी रोड निर्माण मामले में एक बार फिर सैंपल फेल आए हैं।

JagranTue, 30 Nov 2021 09:49 PM (IST)
काली देवी रोड के सैंपल एक बार फिर फेल

संवाद सहयोगी, हांसी : बहुचर्चित काली देवी रोड निर्माण मामले में एक बार फिर सैंपल फेल आए हैं। रिपोर्ट करीब डेढ़ महीने पहले आई थी, परंतु अभी तक रिपोर्ट को उजागर नहीं किया गया था। रिपोर्ट इंजीनियर इन चीफ, पीडब्लयूडी उतराखंड रिसर्च सेल, पीडब्लयूडी देहरादून की है। रिपोर्ट के अनुसार रोड की स्ट्रेंथ पैमाने से कम है। नियमों के अनुसार रोड की न्यूटन पर स्कवायर मीलीमीटर 40एमएम होनी चाहिए, परंतु यह बहुत कम है। इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी।

याचिका के बाद तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार एक महीने के अंदर सकारात्मक रूप से कानून के अनुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे। नगर परिषद की ओर से शहर में विकास कार्य करवाए गए थे। इसी के तहत कालीदेवी रोड का निर्माण किया गया था। पूर्व पार्षद सिमांत चौधरी और प्रवीन तायल ने सड़क में घटिया सामग्री प्रयोग करने के आरोप लगाए थे। कई बार सैंपलिग करवाई गई। जब सरकारी लैब से सैंपलिग करवाई गई तो सैंपलों में कोई गड़बड़ नहीं पाई गई थी। बाद में पूर्व पार्षद सिमांत चौधरी ने श्री राम इंस्टीटयूट आफ इंडस्ट्रीयल रिसर्च न्यू दिल्ली लैब से सैंपलिग करवाई गई थी और सैंपल फेल आने के बाद जांच की मांग की गई थी। इस मामले में कार्रवाई न होने पर पूर्व पार्षद सिमांत चौधरी व प्रवीन तायल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

ये था पूरा मामला

श्री काली देवी सड़क मार्ग की परतें उसके निर्माण के चंद दिनों बाद ही उखड़ने लगी थीं, सड़क की क्वालिटी तीन बार सैंपल जांच के बाद भी सरकारी सिस्टम तय नहीं कर पाया था। चौथी बार सड़क के सैंपल सरकारी लैब में जांच करवाने के लिए पहुंचाए गए थे। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि सिमांत चौधरी ने आवाज उठाई और इंक्वायरी बैठ गई थी। तीन एक्सईएन व एक एसओ की टीम ने सैंपल लेकर जांच की, लेकिन जांच में सैंपल पास हो गए थे और एसडीएम ने 13 अगस्त को फाइनल रिपोर्ट डीसी को भेज दी। लेकिन शिकायतकर्ता ने सैंपल जांच पर ही सवाल उठा दिए। फिर से ज्वाइंट डायरेक्टर बेलिना की देखरेख में सैंपल लिए गए और श्री राम लैब से सड़क के सैंपलों की जांच हुई जिसमें सैंपल गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे।

शिकायत की गई थी फारवर्ड

ज्वाइंट डायरेक्टर बेलिना ने बताया कि सैंपल की रिपोर्ट आई थी। कुछ टेक्निकल चीजें थी, जिसके बाद उसे एक्सईएन को फारवर्ड कर दी गई थी। अब इस मामले में नगर निगम को कार्रवाई करनी है।

जल्द कार्रवाई नहीं की तो जाएंगे कोर्ट : तायल

प्रवीन तायल ने बताया कि सैंपल फैल है। विभाग जान-बूझकर फाइल दबाए हुए है। ठेकेदार का बचाव करना चाहता है। यदि रिपोर्ट बनाकर जल्द ही उच्च अधिकारियों को नहीं भेजी तो रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट में अर्जी डाली जाएगी

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