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जहां छात्र रहे वहीं के बने मुखिया, समर सिंह बने एचएयू के वाइस चांसलर

हिसार, जेएनएन। वह जिस विश्‍वविद्यालय में छात्र थे, आज वहीं के कुलपति बना गए हैं। हिसार के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 1975 से 1982 तक विद्यार्थी रहे डा. समर सिंह एचएयू के नए कुलपति बनाए गए हैं। प्रो. केपी सिंह का कार्यकाल खत्म होने के बाद डा. समर सिंह को एचएयू के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। डा. समर सिंह मौजूदा समय में महाराणा प्रताप होर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर हैं। 61 साल के डा. समर सिंह कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हैं।

1975 में एचएयू के छात्र रहे डा. समर सिंह बने 45 साल बाद वाइस चांसलर

करनाल के प्रेमखेड़ा गांव के रहने वाले डा. समर किसान परिवार से हैं। गांव के स्कूल से प्राथमिक शिक्षा के बाद उन्होंने 1975 में एचएयू के कॉलेज से बीएससी की। इसके बाद इसी विवि से एग्रोनोमी विषय से एमएससी की। 1982 तक इन्होंने एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इनकी ज्वाइंनिंनग जनवरी, 1983 में कुरुक्षेत्र के कृषि ज्ञान केंद्र में एक जिला विस्तार विशेषज्ञ के रूप में हुई।

प्रो. केपी सिंह की जगह कार्यकारी कुलपति नियुक्त किया

1989 में, वह एचएयू के करनाल में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र गए और अनुसंधान स्टेशन पर काम किया। 1996 में उन्होंने एचएयू से ही पीएचडी की। उन्होंने गेहूं और मक्का सुधार के अंतरराष्ट्रीय केंद्र, मैक्सिको, अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान, फिलीङ्क्षपस के साथ भी काम किया। चार साल वह एशिया में रहे।

करनाल की महाराणा प्रताप होर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी में कुलपति हैं डा. समर ङ्क्षसह

डा. समर सिंह ने किसानों के साथ मिलकर काम किया है। उन्होंने गेहूं की फसल में फलेरिस माइनस (मांडुसी) के हर्बिसाइड-प्रतिरोधी जीवों के नियंत्रण पर कार्य किया। गेहूं, बिस्तर रोपण, लेजर लेवलिंग, अवशेष प्रबंधन, गन्ने में इंटरकैङ्क्षपग, गन्ने की सीधी बुवाई, स्प्रे की बुवाई जैसे संसाधन संरक्षण प्रौद्योगिकियां की। इस बीच, उन्होंने अमेरिका के फ्लोरिडा विवि में एक वर्ष बिताया। यहां खट्टे और अन्य बागवानी फसलों में खरपतवार प्रबंधन पर शोध किया।

2019 में सेवानिवृति के बाद बने वीसी

डा. समर सिंह अप्रैल 2019 में सीसीएस एचएयू से प्रधान वैज्ञानिक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत होने से पहले उन्होंने वरिष्ठ समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र करनाल के अतिरिक्त प्रभार के साथ एचएयू के क्षेत्रीय अनुसंधान स्टेशन करनाल में क्षेत्रीय निदेशक के रूप में 4 से अधिक वर्षों तक सेवा की। उन्होंने दो साल के लिए महाराणा प्रताप बागवानी विवि करनाल के निदेशक विस्तार शिक्षा का अतिरिक्त कर्तव्य निभाया है। मौजूदा समय में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति हैं और अब हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलपति नियुक्त हुए हैं।

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