रोहतक चौहरा हत्‍याकांड : करीब 350 पेज की चार्जशीट में 37 गवाह, एफएसएल रिपोर्ट बनी अहम सबूत

प्रदीप उर्फ बबलू प्रापर्टी डीलर था। 27 अगस्त को प्रदीप उसकी पत्नी बबली उर्फ संतोष प्रदीप की सास रोशनी और 19 वर्षीय बेटी नेहा को गोली मार दी गई थी। इसमें प्रदीप बबली और रोशनी की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्‍या का आरोप बेटे पर है

Manoj KumarMon, 29 Nov 2021 11:47 AM (IST)
27 अगस्त को विजय नगर कालोनी में दिनदहाड़े हुआ था चौहरा हत्याकांड

जागरण संवाददाता, रोहतक : शहर की विजय नगर कालोनी में हुए चौहरे हत्याकांड के मामले में शिवाजी कालोनी थाना पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है। करीब 350 से अधिक पेज की चार्जशीट में 37 गवाह बनाए गए हैं, जिसमें आसपास के लोगों के अलावा पुलिसकर्मी भी शामिल है। चार्जशीट में बताया गया है कि हत्याकांड को आरोपित अभिषेक उर्फ मोनू ने अकेले ही अंजाम दिया था। रुपयों की जरूरत पूरी नहीं होने पर हत्याकांड किया गया था। खास बात यह है कि यह है कि चौहरे हत्याकांड में आरोपित अभिषेक उर्फ मोनू के उत्तराखंड निवासी दोस्त के खिलाफ कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि हत्याकांड या फिर उसकी साजिश में वह भी शामिल था।

पुलिस ने उसे जांच में शामिल किया था, लेकिन सबूत नहीं मिलने पर उसे क्लीन चिट दे दी गई है। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस के पास सबसे अहम सबूत के तौर पर एफएसएल रिपोर्ट है। चार्जशीट के अधिकतर पेज में एफएसएल रिपोर्ट का ही जिक्र किया गया है। चार्जशीट पेश होने के बाद यह मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।

चार्जशीट में हटा दी गई धारा-120बी

हत्याकांड के बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या, हत्या का प्रयास और आमर्स एक्ट की धारा में केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपित अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया, जिसके बाद पुलिस ने उसका रिमांड लेने के लिए कोर्ट में रिमांड पेपर दिया। इस रिमांड पेपर में दर्शाया गया था कि आरोपित से पूछताछ के बाद उसके उत्तराखंड निवासी दोस्त का नाम भी आया है। साथ ही पुलिस ने हत्याकांड की साजिश में शामिल होने की धारा-120बी भी जोड़ दी थी, लेकिन पुलिस की तरफ से जो चार्जशीट पेश की गई है इसमें धारा-120 को हटा दिया गया है। इस धारा को हटाने के बाद ही आरोपित के दोस्त को इस प्रकरण से क्लीन चिट दी गई है।

यह था मामला

विजय नगर कालोनी निवासी प्रदीप उर्फ बबलू प्रोपर्टी का काम करता था। 27 अगस्त को दोपहर के समय घर में घुसकर प्रदीप, उसकी पत्नी बबली उर्फ संतोष, प्रदीप की सास रोशनी और 19 वर्षीय बेटी नेहा को गोली मार दी गई थी। इसमें प्रदीप, बबली और रोशनी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि नेहा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस मामले में वह इकलौती गवाह थी, लेकिन बाद में उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। पूरे प्रकरण में प्रदीप के साले सांपला निवासी प्रवीण ने अज्ञात के खिलाफ शिवाजी कालोनी थाने में केस दर्ज कराया था। जांच के बाद पुलिस ने प्रोपर्टी डीलर प्रदीप के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था।

इस प्रकरण में पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से जांच की गई, जिसके बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी गई है। उत्तराखंड के रहने वाले युवक के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले, जिससे यह साबित हो सके कि वह हत्याकांड में शामिल था। हत्याकांड को आरोपित अभिषेक ने ही अंजाम दिया था।

- कृष्ण लोहचब, एडिशनल एसपी रोहतक

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