रोहतक पीजीआई में कोरोना मरीजों को दिया जाने वाले रेडमेसिवर इंजेक्शन का टोटा, बेड भी होने लगे फुल

रोहतक पीजीआई में कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए कारगर रेडमेसिवर इंजेक्शन का टोटा हो गया है

हरियाणा में कोरोना का फिर से विकराल रूप दिखने लगा है। रोजाना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। पीजीआइएमएस (पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान) में कोविड मरीजों से बेड फुल होने लगे हैं। हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

Manoj KumarThu, 15 Apr 2021 11:52 PM (IST)

रोहतक [ओपी वशिष्ठ] कोरोना का फिर से विकराल रूप दिखने लगा है। रोजाना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। पीजीआइएमएस (पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान) में कोविड मरीजों से बेड फुल होने लगे हैं। कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए कारगर रेडमेसिवर इंजेक्शन का टोटा हो गया है। अगर इसी तेजी से संक्रमण बढ़ा तो वेंटीलेटर, आक्सीजन व अन्य संसाधनों का भी अभाव हो जाएगा। पीजीआइ में पिछले 48 घंटे में कोरोना से दस लोगों की मौत हो चुकी है। मरीजों की बढ़ती संख्या और मौत के आंकड़ों को देखते हुए पीजीआइ प्रबंधन कोरोना केसों को देखते हुए हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। इसलिए आमजन को कोविड बचाव नियमों के पालना की जरूरत है ताकि गंभीर हो रही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

240 बेड, 120 मरीज भर्ती

पीजीआइएमएस में वार्ड नंबर 24, 25, 26 के अलावा ट्रामा सेंटर को भी स्पेशल कोविड अस्पताल बना दिया है। संस्थान में कोविड मरीजों के लिए करीब 240 बेड है, जिनमें से 113 पर वेंटीलेटर की सुविधा है। लेकिन पिछले एक सप्ताह में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो गई है। मंगलवार तक पीजीआइ में 120 कोविड मरीज भर्ती थे। बुधवार को भी नए मरीज आए हैं। हालांकि अभी तक वेंटीलेटर पर कोरोना मरीजों की संख्या खास नहीं है।

चिकित्सक व अन्य कर्मी हो रहे संक्रमित

पीजीआइ में हेल्थ केयर वर्कर्स भी लगातार संक्रमित हो रहे हैं। पिछले दिनों गायनी विभाग में चिकित्सक संक्रमित हो गए थे। बुधवार को भी 12 चिकित्सक कोरेाना संक्रमित हो गए। जिनमें स्टेट कोविड ट्रीटमेंट सेंटर के नोडल आफिसर एवं पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसन विभागाध्यक्ष डा. ध्रुव चौधरी बुधवार को दोबारा से संक्रमित हो गए हैं। उन्हीं के विभाग में डा. मंजूनाथ भी दोबारा से कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना महामारी शुरू होने से लेकर अब तक पीजीआइ में 720 हेल्थ केयर वर्कर्स कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

रेडमेसिवर इंजेक्शन का अभाव

पीजीआइ में वर्तमान समय में रेडमेसिवर इंजेक्शन का अभाव हो गया है। जिस तरह से कोरोना संक्रमित मरीज बढ़ रहे हैं। अगर इस रफ्तार पर अंकुश नहीं लगा तो गंभीर मरीजों के लिए दिक्कत हो सकती है। हालांकि रेडमेसिवर इंजेक्शन का टोटा अकेले पीजीआइएमएस में नहीं बल्कि प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में बताया जा रहा है। मरीजों को रेडमेसिवर की छह डोज दी जाती है, जिसकी कीमत ज्यादा है। आम मरीज बाहर से खरीदकर डोज नहीं ले सकता है। पीजीआइएमएस में गंभीर मरीजों को रेडमेसिवर की डोज फ्री दी जाती है।

नॉन कोविड मरीजों का इलाज हो सकता है प्रभावित

पीजीआइ में अगर कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ता रहा तो नॉन कोविड मरीजों का इलाज प्रभावित हो सकता है। प्रबंधन पहले ही ओपीडी में मरीजों के रजिस्ट्रेशन के समय में कटौती कर सुबह नौ से 11 बजे का समय निर्धारित कर चुका है। इमरजेंसी सेवाएं अभी पूरी तरह से चालू है और सर्जरी भी हो रही है। लेकिन इलेक्टिव सर्जरी पर संस्थान कोई निर्णय आने दो दो दिनों में ले सकता है। साथ ही, ओपीडी को लेकर भी पीजीआइ में कोरोना संक्रमण बचाव को लेकर कोई नई व्यवस्था कर सकता है।

सरकार से मांगा है बजट, रेडमेसिवर की डिमांड भी भेजी : एमएस

पीजीआइएमएस की मेडिकल सुपरीटेंडेंट डा. पुष्पा दहिया ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर बताया कि संस्थान में हरसंभव प्रबंध किए गए हैं। ट्रामा सेंटर को स्पेशल कोविड अस्पताल दोबारा से बना दिया गया है। वेंटीलेटर, आक्सीजन व कोविड बेड की पर्याप्त सुविधा है। लेकिन एक सप्ताह में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो चिंता का विषय है। कोरोना के कम लक्षण वाले मरीजों को अन्य स्थानों पर बने कोविड सेंटर में रखा जा सकता है, इससे पीजीआइ का लोड कम होगा और यहां गंभीर मरीजों के इलाज पर ज्यादा फोकस कर पाएंगे। रेडमेसिवर इंजेक्शन का अभाव है, इसकी डिमांड भेजी गई है। साथ ही, कुछ बजट भी मांगा है, जिससे कोरोना मैनेजमेंट किया जा सके। हेल्थ केयर वर्कर्स का संक्रमित होना चुनौतीपूर्ण है।

 

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