फतेहाबाद में सालों बाद मंडी टाउनशीप के तहत मिला था रिकार्ड, साफ्टवेयर आज तक नहीं दिया

एचएसवीपी के अधीन फतेहाबाद व रतिया क्षेत्र में जो भी था वो अब नगरपरिषद के अधीन हो गया है। पहले नप इन क्षेत्रों में विकास तो करवा रहा था लेकिन कब्जा छुड़वाने में असमर्थ था। लेकिन अब रिकार्ड आने के बाद शहर में जगह जगह जो अवैध कब्जे है

Naveen DalalPublish:Thu, 02 Dec 2021 03:01 PM (IST) Updated:Thu, 02 Dec 2021 03:01 PM (IST)
फतेहाबाद में सालों बाद मंडी टाउनशीप के तहत मिला था रिकार्ड, साफ्टवेयर आज तक नहीं दिया
फतेहाबाद में सालों बाद मंडी टाउनशीप के तहत मिला था रिकार्ड, साफ्टवेयर आज तक नहीं दिया

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने माडल टाउन क्षेत्र को नगर परिषद को करीब दो साल पहले सौंप दिया था। लेकिन यह रिकार्ड इसी साल मिला। रिकार्ड मिलने के बाद 9 महीने के बाद भी अब तक भी साफ्टवेयर नहीं मिला है। इस कारण रजिस्ट्रियों का कार्य रूका हुआ है। यहां के लोग पिछले नौ महीनों से न तो अपने प्लाट बेच पा रहे है और नही खरीद पा रहे है। नप अधिकारियों के पास लोग हर दिन अपनी फाइल लेकर आ रहे है। लेकिन अधिकारियों का एक ही जवाब होता है कि साफ्टवेयर न होने के कारण दिक्कत आ रही है। 

नप के अधीन होने के बावजूद नहीं हो पा रही रजिस्ट्रियां, लोग परेशान

माडल टाउनवासी हिसार भी जाकर आ रहे है, ताकि उनकी समस्या हल हो सके। लेकिन एचएवीपी के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पूरा रिकार्ड नगरपरिषद व नगरपालिका को सौंप दिया है। ऐसे में उनके पास कुछ नहीं है। जो काम करेंगे वहीं शहर में होगा। इस कारण लोग परेशान है। ऐसा नहीं कि नगरपरिषद की तरफ से पत्र नहीं भेजा गया। दो से तीन बार पत्र भेजा जा चुका है। लेकिन वहां के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास जो साफ्टवेयर था उसमें पूरे क्षेत्र का रिकार्ड है। ऐसे में इस साफ्टवेयर से इस डाटा को अलग करने में समय लग रहा है। 

19 फरवरी को अधिकार लेकर आए थे रिकार्ड 

नगरपरिषद फतेहाबाद व नगरपालिका रतिया का मंडी टाउनशीप का जितना भी रिकार्ड था वो अधिकारी लेकर आए थे।  नगरपरिषद के छह अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन अधिकारियों ने 19 फरवरी को पूरा रिकार्ड लेकर आ गए। रतिया मंडी टाउनशीप का रिकार्ड अब नगरपालिका रतिया तो फतेहाबाद नगरपरिषद का रिकार्ड फतेहाबाद नप कार्यालय में है। दस्तावेज भी पूरे आ गए है। लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से साफ्टवेयर अभी तक नहीं दिया गया है। 

साफ्टवेयर मिलने के बाद ये होगा फायदा 

एचएसवीपी के अधीन फतेहाबाद व रतिया क्षेत्र में जो भी था वो अब नगरपरिषद के अधीन हो गया है। पहले नप इन क्षेत्रों में विकास तो करवा रहा था लेकिन कब्जा छुड़वाने में असमर्थ था। लेकिन अब रिकार्ड आने के बाद शहर में जगह जगह जो अवैध कब्जे है वो भी नगरपरिषद ही छुड़वाएगा। लेकिन अब नप अधिकारियों के पास आनलाइन डाटा नहीं है। यहीं कारण है कि एचएसवीपी की जमीन पर जो कब्जा है वो नहीं हट पा रहे है।  

मुख्यमंत्री व स्थानीय निकाय को भेजी जा चुकी है शिकायत 

भारतीय जनता पार्टी विधि एवं विधायी विभाग तथा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव एडवोकेट प्रवीण जोड़ा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज को पत्र भी भेजा चा चुका है। पिछले दिनों वो हिसार के एचएसवीपी के अधिकारियों से मिले थे। उन्होंने आग्रह किया था कि जल्द से जल्द मंडी टाउनशीप के तहत जो साफ्टवेयर है वो जल्द से जल्द भेजे ताकि लोगों को दिक्कत न आए। उनका कहना है कि वो जल्द ही अधिकारियों से मिलकर साफ्टवेयर जल्द दिलवाने का प्रयास भी करेंगे।

अधिकारी के अनुसार

रिकार्ड हमारे पास आ गया है। लेकिन साफ्टवेयर न होने के कारण कुछ पता नहीं चल रहा है। हिसार स्थित अधिकारियों को दो से तीन बा पत्र भेजा चा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही साफ्टवेयर दे दिया जाएगा, लेकिन आज तक यह मिला नहीं है। लोग परेशान है। हर दिन पांच से छह लोग मंडी टाउनशीप के रिकार्ड को लेकर आ रहे है। 

ऋषिकेश चाैधरी, ईओ नगरपरिषद फतेहाबाद।