फतेहाबाद में अधिकारियों की लापरवाही से सीवरेज में बह गया लाखों लीटर पानी, सड़कों पर भरने से बढ़ी परेशानी

फतेहाबाद में बारिश का पानी सीवर में बह गया। कारण जिला प्रशासन की लापरवाही। यहां रिचार्ज बोर नहीं लगे। इसी पानी को जमीन में छोड़ा जाता तो गिरते भूजल स्तर को उठाया जा सकता था। जनस्वास्थ्य विभाग में लगे बोर में आज तक कनेक्शन नहीं हुए।

Umesh KdhyaniThu, 29 Jul 2021 04:51 PM (IST)
फतेहाबाद के जन स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर में लगा रिचार्ज बोर, जिसमें तीन साल से कनेक्शन नहीं हुए।

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। जिला प्रशासन के अधिकारियों की लेट लतीफा का खामियाजा पूरे शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से लगातार जिले में बरसात हो रही है। ऐसे में निचले क्षेत्र में पानी भी भर रहा है। हालांकि बरसात खत्म होने के बाद पांच से छह घंटे में पानी सीवरेज लाइनों से निकल भी रहा है। लेकिन बरसात का लाखों लीटर पानी बर्बाद अवश्य हो रहा है।

अगर इसी पानी को जमीन के अंदर छोड़ा जाता तो जिस तरह जिले में भूमि जलस्तर गिर रहा है वो ऊपर भी आ सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसा नहीं कि अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया, लेकिन समय निकलने के बाद अधिकारी जागे और रिचार्ज बोर के लिए टेंडर भी किया। लेकिन, अब तो बरसात इतनी अधिक हो रही है कि काम शुरू होने में समय लग जाएगा। ऐसे में मानसून भी चला जाएगा। जब अगली बार मानसून आएगा तो यही रिचार्ज बोर मिट्टी से भरकर बंद हो जाएंगे।

पानी बचाने जो जो संदेश दे रहा वो ही कर रहा बर्बाद

जनस्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में जल शक्ति मिशन अभियान चला रहा है। सरकारी भवनों पर रिचार्ज बोर करवाने के लिए अधिकारियों को पत्र भी लिख रहा है। लेकिन विभाग के कार्यालय की हकीकत जानकर सब हैरान रह जाएंगे। दरअसल तीन साल पहले चार लाख रुपये की लागत से जनस्वास्थ्य विभाग में रिचार्ज बोर किया गया था। इस रिचार्ज बोर में सभी छतों का कनेक्शन भी करना था ताकि अगर बरसात आए तो पानी को जमीन के अंदर छोड़ा जाए। लेकिन आज तक कनेक्शन तक नहीं हुआ है। डीसी हर 15 दिन में जल शक्ति मिशन की समीक्षा भी करते हैं, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के खुद के कार्यालय में ऐसी व्यवस्था रहेगी तो अन्य विभाग इस पर अमल कैसे करेंगे।

नप ने 5 रिचार्ज बोर का टेंडर दिया

शहर में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां थोड़ी सी बरसात आने पर पानी भर जाता है। शहर में सीवरेज लाइन छोटी होने के कारण पानी निकासी में समय भी लगता है। नगरपरिषद शहर में पांच रिचार्ज बोर और 50 सोखते गड्ढों के लिए 17.80 लाख रुपये का टेंडर किया था। एजेंसी को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। हालांकि सोखते गड्ढे खोदने का कार्य शुरू किया था, लेकिन वो भी बरसात के कारण बंद पड़ा है। ऐसे में अगर समय पर अधिकारी संज्ञान लेते तो जलभराव व पानी बर्बादी की दिक्कत न होती। 

यहां लगाए जाएंगे रिचार्ज बोर 

अरोड़वंश धर्मशाला रोड।  राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के सामने।  आशीर्वाद पैलेस के पास।  बीघड़ रोड के पास।  जवाहर चौक के पास 

5 साल पहले लगवाए रिचार्ज बोर का अता-पता नहीं 

लोकनिर्माण विभाग की तरफ से करीब पांच साल पहले लालबत्ती चौक, माडल टाउन, बीघड़ रोड, एमएम कालेज के सामने, फव्वारा चौक पर रिचार्ज बोर किए थे। लेकिन अब ये मिट्टी से भर गए है। ये बोर कहां थे किसी को पता तक नहीं है। लेकिन कागजों में आज भी इन स्थानों पर रिचार्ज बोर अवश्य नजर आ जाएंगे। अगर जिला प्रशासन अगर इन रिचार्ज बोर की देखभाल करता तो नए रिचार्ज बोर लगवाने के लिए राशि खर्च नहीं करनी पड़ती।

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