ड्राप आउट बच्चों के सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर बिफरा प्राथमिक शिक्षक संघ

ड्राप आउट बच्चों के सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर बिफरा प्राथमिक शिक्षक संघ

ड्राप आउट बच्चों के सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक ने कड़ी आपत्ति जताई है।

JagranThu, 25 Feb 2021 08:53 PM (IST)

जागरण संवाददाता, हिसार:

ड्राप आउट बच्चों के सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस मुद्दे को लेकर संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने समग्र शिक्षा की जिला परियोजना संयोजक चंद्रकला से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपते हुए यह सर्वे आंगनबाड़ी वर्कर व सक्षम युवा के माध्यम से कराने की मांग की। इसी संदर्भ में एक ज्ञापन उपायुक्त के नाम भी सौंपा गया। शिक्षक संघ प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कोविड 19 के कारण प्रदेश भर के स्कूल 11 महीने से बंद है और अब एक दिन पूर्व ही प्राथमिक स्कूलों में तीसरी से पांचवीं कक्षा के लिए खोले गए हैं। लेकिन अब विभाग ने ड्राप आउट बच्चों के सर्वे के आदेश जारी कर दिए हैं। जिले के अधिकतर प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के तीन चार पद ही स्वीकृत है और तीन कक्षाएं लग रही है। ऐसी स्थिति में सर्वे करना मुश्किल ही नहीं, बल्कि असंभव भी है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने इस मांग पर कार्रवाई नहीं की तो प्राथमिक शिक्षक मजबूरन इस सर्वे का बहिष्कार करने पर विवश हो जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी विभाग व सरकार की होगी। ऐसे शिक्षण कार्य होगा प्रभावित

शिक्षक इस सत्र के बचे हुए समय में बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा कराना चाहता है, लेकिन उक्त आदेशों के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। वहीं कुछ जगहों पर अभिभावकों ने भी 11 महीने बाद स्कूल खुलने पर शिक्षकों के स्कूल में होने की बजाए गांव में सर्वे कराने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उक्त आदेशों में ग्राम पंचायत, एसएमसी सदस्यों, स्वयंसेवकों व आंगनबाड़ी वर्करों की सहायता लेने की बात कही गई है, लेकिन इनका सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि इस समय सर्वे की बजाए शिक्षकों को उनके मूल कार्य शिक्षण ही कराया जाए ताकि सत्र के पाठ्यक्रम की पूर्ति की जा सके।

आंगनबाड़ी वर्कर्स और सक्षम युवाओं की ड्यूटी लगाने की उठाई मांग

शिक्षक नेताओं की मानें तो इस कार्य के लिए पूर्ण रूप से आंगनबाड़ी वर्कर्स व सक्षम युवा की ड्यूटी लगाई जाए, क्योंकि गांव व क्षेत्र की स्थानीय निवासी होने के कारण उनके पास पर्याप्त समय व जानकारी भी है। गांव के उच्च व सीनियर सेकंडरी स्कूल मुखिया को उनकी निगरानी व सर्वे की मॉनिटरिग करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और प्राथमिक शिक्षकों को इस सर्वे से मुक्त करते हुए उन्हें शिक्षण कार्य करने दिया जाएगा। इस मौके पर जिला प्रधान जयभगवान बडाला, राज्य कोषाध्यक्ष सतीश शर्मा, सुनील बास, नारनौंद खंड प्रधान जितेंद्र इंदौरा, हिसार खंड प्रथम के प्रधान राजकुमार सैनी उपस्थित रहे।

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