सीएम विडो सिस्टम पर खिलवाड़, शिकायतों पर अपलोड हो रहीं झूठी रिपोर्ट

जब कहीं कोई काम नहीं होता है तो लोगों को सरकार ने शिकायत के लिए सीएम विंडो का दिया था हथियार।

JagranWed, 22 Sep 2021 05:28 AM (IST)
सीएम विडो सिस्टम पर खिलवाड़, शिकायतों पर अपलोड हो रहीं झूठी रिपोर्ट

जागरण संवाददाता, हिसार : जब कहीं कोई काम नहीं होता है तो लोगों को सरकार ने शिकायत करने के लिए सीएम विडो जैसा हथियार दिया। अब ये सिस्टम भी अफसरों के हाथों की कठपुतली बन गया है। सीएम विडो पर निगरानी रखने वाले खुद शिकायतकर्ता बन रहे हैं, झूठी रिपोर्ट लगा रहे हैं और शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर कर रिपोर्ट बंद भी कर दे रहे हैं। ऐसा एक नहीं बल्कि हर रोज मामला सामने आ रहा हैं।

इन उदाहरणों से समझिए, किस प्रकार का सीएम विडो पर हो रही गड़बड़

केस 1 :

अधिवक्ता जितेंद्र आर्य ने सीएम विडो राजगरु मार्केट में बरामदे कब्जाने से जुड़ी सीएम विडो लगाई। मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। जिसमें बता दिया गया कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर एक्शन लेते हुए नगर निगम की तहबाजारी टीम ने बरामदों को खाली करा दिया गया है। खास बात है कि अधिवक्ता ने दो बार यह शिकायत लगाई और दोनों ही बार सीएम विडो पर रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के ही हस्ताक्षर कह रिपोर्ट दाखिल कर दी गई कि कार्रवाई हो गई है और शिकायतकर्ता संतुष्ट है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीएम विडो पर निगरानी के लिए तैनात मनोनीत एमिनेंट भी इस कार्य में शामिल हैं। मामले की शिकायत अधिवक्ता जितेंद्र आर्य ने सीएम मनोहर लाल से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से की है।

केस 2 :

एक शिकायतकर्ता ने गांव लुदास में अवैध कालोनी से जुड़ी शिकायत की थी। जिसमें दो बार शिकायत रद कर दी गई। दोनों बार शिकायतकर्ता की सहमति तक नहीं ली गई। इस मामले में पहली शिकायत में जो विभाग की तरफ से एक्शन टेकन रिपोर्ट दी उसमें अपना तर्क देते हुए शिकायत रद कर दी। वहीं दूसरी शिकायत में जो विभाग ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दी उसमें कोर्ट केस विचाराधीन है जैसी बात कही गई। जबकि मामले में कोर्ट ने टाउन कंट्री प्लानिग विभाग को इस संबंध में कोई निर्देश ही नहीं दिए थे। इसके बावजूद यह शिकायत बंद कर दी गई। हैरानी की बात है कि जिस विभाग की शिकायत की वही इस मामले के जांच अधिकारी बना दिए।

केस 3 :

वार्ड 20 में एक भवन को लेकर अग्रसेन कालोनी निवासी रविद्र ने सीएम विडो लगाई थी। जिसमें यह भी माना गया कि प्लाट को लेकर तहसील कार्यालय की ओर से रजिस्ट्री में गड़बड़ी हुई है। इसके बावजूद बिना शिकायतकर्ता की सहमति के शिकायत को बंद कर दिया गया। अभी तक शिकायतकर्ता इस मामले को लेकर संतुष्ट नहीं है। हैरानी की बात है कि सीएम विडो पर निगरानी के जो एमिनेंट पर्सन भी अफसरों की हां में हां मिला रहे हैं।

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