मानसून के जल्द आने की आस में बहादुरगढ़ में शुरू हुई धान की रोपाई, बारिश लेट हुई तो हो सकता है नुकसान

बहादुरगढ़ में धान रोपाई शुरू हो गई है। यूपी-बिहार के मजदूर इस काम में लगे हैं। पिछली बार 8 हजार हेक्टेयर में धान रोपाई हुई थी। इस बार भी यही अनुमान है। हालांकि कृषि विभाग पिछले साल धान लगाने वाले किसानों से दूसरी फसल लगाने की अपील कर रहा है।

Umesh KdhyaniTue, 22 Jun 2021 04:54 PM (IST)
बहादुरगढ़ में धान की रोपाई करते कामगार।

बहादुरगढ़, जेएनएन। मानसून के जल्द आगमन की उम्मीद में क्षेत्र में धान की राेपाई शुरू हाे गई है। नहरों के आसपास के रकबे में यह कार्य चल रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार से आए कामगार इस कार्य में जुटे हुए हैं। वैसे तो इस बार भी क्षेत्र में लगभग 10 हजार हेक्टेयर में धान की राेपाई होने का अनुमान है, मगर यह बारिश की मात्रा पर ही तय होगा।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछली बार करीब आठ हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि बारिश की मात्रा शुरुआत में कम रहती है तो इस बार भी धान का रकबा इसी आंकड़े के इर्द-गिर्द रह सकता है। बता दें कि इस बार मानसून के जल्द आगमन की उम्मीद थी। जून के दूसरे सप्ताह में प्री-मानसून बारिश हुई थी। उसे मानसून की बारिश भी माना जा रहा था। मगर उसके बाद से बादल ठिठक गए। अब मानसून के जल्द प्रदेश में पहुंचने और सक्रिय होने की उम्मीद में धान की रोपाई शुरू कर दी गई है। वैसे तो बहादुरगढ़ एरिया में 15 जून तक धान की रोपाई पर प्रतिबंध रहता है। ऐसे में अब यह अवधि बीतते ही किसानों ने भी धान की रोपाई शुरू कर दी है।

फसल विविधिकरण की अपील कर रहा विभाग

कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की जा रही है कि वे फसल विविधिकरण अपनाएं। धान की रोपाई कम करें। पिछले वर्ष जिन्होंने धान की रोपाई की थी, उनसे इस बार दूसरी फसल उगाने का आह्वान किया जा रहा है। इस पर विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। कृषि विभाग के तकनीकी सहायक नरेश कुमार ने बताया कि अभी ताे धान की रोपाई कुछ रकबे में ही हुई है। बारिश के बाद यह जोर पकड़ेगी।

हिसार की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.