फतेहाबाद रोडवेज डिपो में आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया, धरने पर बैठे कर्मचारियों ने की नारेबाजी

फतेहाबाद रोडवेज में कार्यरत दर्जनभर कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा काम से हटा दिया गया है जिससे इन कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों के कर्मचारी विरोधी रवैये के खिलाफ इन कर्मचारियों ने रोडवेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

Manoj KumarPublish:Thu, 25 Nov 2021 03:29 PM (IST) Updated:Thu, 25 Nov 2021 03:29 PM (IST)
फतेहाबाद रोडवेज डिपो में आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया, धरने पर बैठे कर्मचारियों ने की नारेबाजी
फतेहाबाद रोडवेज डिपो में आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया, धरने पर बैठे कर्मचारियों ने की नारेबाजी

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। रोडवेज विभाग में पिछले कई सालों से आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे पर ठेकेदार का चाबुक चला है। फतेहाबाद रोडवेज में कार्यरत दर्जनभर कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा काम से हटा दिया गया है जिससे इन कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों के कर्मचारी विरोधी रवैये के खिलाफ इन कर्मचारियों ने रोडवेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि जब तक इन्हें दोबारा काम पर नहीं लगाया जाता, तब तक वे अपने धरने को जारी रखेंगे।

वहीं हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने भी इन कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए रोडवेज अधिकारियों से इन कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने की मांग की है। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता सरबत सिंह पूनियां ने इस मामले में फतेहाबाद के रोडवेज महाप्रबंधक से भी मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि आगामी 29 नवंबर को महानिदेशक के साथ होने वाली बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। अगर फिर भी इन कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला तो रोडवेज कर्मचारी यूनियन भी इनके आंदोलन में शामिल होने को मजबूर होगी।

ये कर्मचारी बैठे धरने पर

रोडवेज परिसर में धरने पर बैठे इन्द्रपाल, चौकीदार संदीप, धर्मवीर, गुरमीत जाखल, सोनू भूना, राकेश कुमार फतेहाबाद, विरेन्द्र भूना, मनोज कुमार टोहाना, नरेश सफाई कर्मचारी जाखल ने कहा कि वे पिछले 4-5 सालों से आउटसोर्सिंग पालिसी के तहत हरियाणा रोडवेज फतेहाबाद में लगे हुए हैं। वे पिछले काफी सालों से ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। अब अचानक बिना किसी नोटिस के ठेकेदार ने उन्हें काम से हटा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पालिसी के तहत पहले से आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा लेकिन ठेकेदार ने रोडवेज अधिकारियों से मिलीभगत से उन्हें काम से हटाकर अपने चहेते लोगों को पैसे लेकर नौकरी पर रख लिया है और इसमें रोडवेज के अधिकारी भी मिले हुए हैं।

इन कर्मचारियों ने कहा कि नौकरी से हटाने के कारण उनके साथ बच्चों व परिवार के पालन पोषण का संकट खड़ा हो गया है। जिन नए कर्मचारियों को काम पर रखा गया है, उनसे भी इसकी एवज में पैसे लिए गए हैं। इन कर्मचारियों ने रोडवेज महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले की जांच करवाने और उन्हें दोबारा नौकरी पर रखने की मांग की है। इन कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।