किसानों की नब्ज टटोलने टिकरी बाॅर्डर पहुंचे हरियाणा पूर्व सीएम ओपी चौटाला, बोले- डटे रहो

आंदोलन के मंचों से सियासी लोगों को दूर रखने का भले ही आंदोलनकारी नेताओं ने ऐलान कर रखा हो लेकिन हाल ही में अपनी सजा पूरी कर चुके पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला आंदोलन से खुद को दूर नहीं रख पा रहे हैं।

Manoj KumarWed, 21 Jul 2021 09:33 AM (IST)
ओपी चौटाला अब धीरे धीरे किसान आंदोलन में सक्रिय हो रहे हैं

जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन के मंचों से सियासी लोगों को दूर रखने का भले ही आंदोलनकारी नेताओं ने ऐलान कर रखा हो, लेकिन हाल ही में अपनी सजा पूरी कर चुके पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला आंदोलन से खुद को दूर नहीं रख पा रहे हैं। बुधवार को वे बहादुरगढ़ में आंदोलन स्थल पर पहुंचे। ओपी चौटाला ने कहा ये सरकार नही लुटेरों का गिरोह है। जनता जब बगावत करने पर होती है तो परिस्थितियां बदल जाती हैं। चौटाला ने कहा मुझे लगता है निश्चित रूप से मध्यावधि चुनाव होंगे। सरकार में जो लूट की नीयत से गए थे वो उनका संगठन छोड़ देंगे।

चौटाला ने कहा हमने अतीत में अच्छे काम किये हैं, भविष्य में और अच्छे काम करेंगे। किसान के हाथ में सत्ता आएगी तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। किसान खुशहाल तो देश खुशहाल होता है। चौटाला ने कहा हमारा किसी से द्वेष नही है। सभी लोग पार्टी में वापिस शामिल होंगे और हम उनका स्वागत करेंगे। किसानों से कहा डटे रहो, जीत आपकी होगी।

हालांकि उनका कार्यक्रम यहां पर आंदोलन के दोनों मुख्य मंचों से दूर तीसरी जगह बनाया गया है। किसानों के लिए खालसा एड ने जो बड़ा तंबू आंदोलन के बीच लगाया है वहां सभा हो रही है।

इसके लिए कई दिनों से इनेलो द्वारा तैयारी भी की जा रही है। कल शाम को ही ओपी चौटाला गाजीपुर बार्डर पहुंचे थे जंहा पर खुद राकेश टिकैत ने उनका स्‍वागत किया। जबकि इसके एक दिन पहले ही राकेश टिकैत ने ये कहा था कि वो ओपी चौटाला को मंच तक नहीं आने देंगे। कोई भी राजनीतिक व्‍यक्ति आंदोलन के सहारे राजनीति नहीं चमका सकता। मगर एक दम से समीकरण बदल गए।

बता दें कि काफी दिन पहले इनेलो की ओर से आंदोलन स्थल पर इस अस्पताल की शुरूआत की गई थी। यहां पर काफी बेड भी लगाए गए और कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए डाक्टरों को तैनात किया गया। इस अस्पताल का उद्घाटन भी किसान नेता राकेश टिकैत के हाथों कराया गया था। अब चूंकि इनेलाे सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटालो में अपनी सजा पूरी करके जेल से बाहर आ चुके हैं और उनकी अगुवाई में पार्टी को फिर से उसकी मुकाम पर पहुंचाने की कोशिश हो रही है तो इसी कवायद में आंदोलन स्थल से जोश पैदा करने की पहल होगी।

इनेलो नेता अभय चौटाला तो आंदोलन के बीच अलग-अलग धरनों पर कई बार जा चुके है। जब विधानसभा की सदस्यता से उन्होंने इस्तीफा दिया था, उसके बाद से तो अभय चौटाला की आंदोलन में सक्रियता भी अधिक रही है। लंबे समय से वे किसानों से जुड़े मुददों को उठाते भी रहे हैं। अब उन्हीं सब मुद्दों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी किसानों के बीच से केंद्र व राज्य सरकार पर हमलावर होने की तैयारी में हैं।

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