घर की छत ढहने से एक की मौत, पांच घायल

12 क्वार्टर रोड पर गली नंबर-15 में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक घर की छत अचानक ढह गई। घर की छत ढह जाने से परिवार के एक युवक मनोज की मौत हो गई जबकि पांच घायल हो गए।

JagranTue, 14 Sep 2021 06:43 AM (IST)
घर की छत ढहने से एक की मौत, पांच घायल

जागरण संवाददाता, हिसार : 12 क्वार्टर रोड पर गली नंबर-15 में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक घर की छत अचानक ढह गई। घर की छत ढह जाने से परिवार के एक युवक मनोज की मौत हो गई जबकि पांच घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से घायलों को सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घायलों में मृत की मां और एक भांजे को अधिक चोटें लगी है। घायलों में मृतक मनोज की मां ममता, बहन मोनिका, भाई हरिश, भांजे नरेंद्र ओर लक्की शामिल है। उधर घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल में मेयर गौतम सरदाना, पार्षद मनोहर लाल सहित शहर के कई लोग अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। घटनास्थल पर पुलिस भी पहुंची। सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुए घटना

घटना स्थल पर मौजूद मृतक मनोज की बहन मोनिका ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ वह कपड़े धो रही थी। अचानक घर की छत का कुछ हिस्सा ढह गया। उस दौरान घर में मैं, मेरी मां ममता, मेरे दो बेटे लक्की और नरेंद्र मौजूद थे। सभी को चोटें आई। पड़ोसी सुभाष और मुन्नी शर्मा ने बताया कि मनोज बाहर गया हुआ था। वह जब आया तो छह का कुछ हिस्सा गिरा था। घर में से उसके भांजे की आवाज सुनकर वह उसे बचाने के लिए घर का गेट खोलने लगा तभी अचानक छत के आगे का हिस्सा उस पर गिर गया। छत का हिस्सा बहुत भारी थी। छत का हिस्सा मनोज पर गिरने से उसकी मौत हो गई। जबकि क्षेत्रवासियों ने परिवार के अन्य लोगों को मिलकर बचा लिया। दो माह पहले ही मनोज से की थी लव मैरिज

मनोज के परिचितों ने बताया कि मनोज की करीब दो माह पहले ही शादी हुई थी। उसने फेसबुक पर लड़की को पसंद किया। दोनों के बीच प्रेम बढ़ा। दोनों ने बाद में परिवार को बता दिया और परिवार की सहमति के साथ ही दोनों ने शादी कर ली थी। मनोज ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। मनोज घटना से एक दिन पहले ही सायं को अपनी ससुराल से आया था। सुबह यह घटना घट गई। गत माह भी छत का हिस्सा ढहा था, लेकिन गरीबी के कारण नहीं ले पाए सुध

पडोसियों ने बताया कि मोनिका के घर का हिस्सा करीब 20 दिन पहले भी ढहा था। उस समय तो किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। मनोज का परिवार बहुत गरीब है। वे घर की छत की मरम्मत नहीं करवा पा रहे थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि 13 सितंबर को छत ही गिर जाएगी। अचानक हुई इस घटना ने मनोज की जान ही ले ली। ये है घर की स्थिति

मोनिका ने बताया कि घर के दो हिस्से है। एक हिस्सा मेरे नाम पर है। जिसमें हम रहते है। दूसरे में किराए पर बुजुर्ग महिला व उनकी बेटी रहती है जो काम से बाहर गई थी। हमारे घर की छत अचानक सुबह ढह गई। जिस समय छत ढही उस समय मेरे पिता व भाई घर से बाहर गए हुए थे। मोनिका (32) ने कहा कि मेरे घर में मेरे पिता कृष्ण कुमार(55), मां ममता (50) , बेटा नरेंद्र (13), लक्की (15) , भाई हरिश (28) और भाई मनोज (29) रहते है। सुबह मनोज व पिता कृष्ण कुमार घर से बाहर थे। पड़ोसियों को भी आई चोटें

घर की छह ढहने से आसपड़ोस के लोगों को भी चोटें आई। बचाव के दौरान मौके पर पहुंचे सुभाष व मुन्नी ने बताया कि उन्हें भी छत के टुकड़े लगे। गनीमत रही कि वे दूर थे तो बचाव हो गया। पड़ोसियों ने प्रशासन व मेयर ने आर्थिक मदद की लगाई गुहार

क्षेत्रवासी सुभाष, मुन्नी, सुरेश और अन्य कई लोगों ने कहा कि यह परिवार बहुत गरीब है। हमारी मेयर और डीसी से मांग है कि वे इस परिवार की आर्थिक मदद करें ताकि वे घर को ठीक करवा सके और अपनी आजीविका कमा सकें।

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