Omicron Virus: ब्लैक फंगस बना परेशानी का कारण, टल रहे मरीजों के आपरेशन, शुगर लेवल बाधा

ब्लैक फंगस के दूसरे दौर में आए मरीजों में आंखों पर ज्यादा असर पड़ रहा है। दांतों से शुरु होने वाले ब्लैक फंगस के केवल चार से पांच मामले आए हैं। अधिकांश मामलों के लक्षणों में चेहरे पर सूजन चमड़ी का काला पड़ना व दिखाई देना बंद हुआ हैं।

Naveen DalalTue, 07 Dec 2021 09:11 PM (IST)
80 प्रतिशत मरीजों में आंखों से शुरु हुआ ब्लैक फंगस, दो मरीज खो चुके एक-एक आंख

विक्रम बनेटा, रोहतक। पीजीआइ में ब्लैक फंगस के कारण मरीजों को आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञ आपरेशन कर इन्हें तुरंत राहत देना चाह रहे हैं लेकिन शुगर लेवल अधिक होने के कारण आपरेशन संभव नहीं हो पा रहे हैं। फिलहाल 12 मरीज ऐसे हैं, जिनके आपरेशन चिकित्सकों ने प्लान कर रखे हैं लेकिन रिपार्ट नार्मल नहीं होने के कारण आपरेशन टाले जा रहे हैं। एक सप्ताह के दौरान आठ मरीजों के आपरेशन हो चुके हैं। ब्लैक फंगस की वजह से पीजीआइ में भर्ती मरीजों की संख्या अब 24 हो गई है। पिछले छह दिन के दौरान पीजीआइ में नौ मरीज पहुंच चुके हैं। जिनमें से हिसार, फतेहाबाद से दो-दो व रोहतक, जींद, कैथल, सिरसा व महेंद्रगढ़ से एक-एक मरीज पहुंचे हैं।

वर्तमान के अधिकांश मरीजों की नहीं कोविड हिस्ट्री

पीजीआइ में ब्लैक फंगस की वजह से भर्ती अधिकांश मरीजों की कोविड हिस्ट्री भी नहीं मिली है। हालांकि चिकित्सकों का मानना है कि इन मरीजों ने कोविड टेस्ट नहीं करवाए, इसलिए इनके केस रिपोर्ट नहीं हुए। चिकित्सक इसे भी पुष्ट कर रहे हैं कि ब्लैक फंगस के लिए कोविड हिस्ट्री का होना जरुरी नहीं है। ब्लैक फंगस पुरानी बीमारी है और केवल कमजाेर इम्यूनिटी वाले लोगों को घेरती है। डायबिटिक मरीज भी ब्लैक फंगस के जल्दी शिकार हो जाते हैं।

80 फीसद केसों में आंखों पर असर

ब्लैक फंगस के दूसरे दौर में आए मरीजों में आंखों पर ज्यादा असर पड़ रहा है। इस बार में दांतों से शुरु होने वाले ब्लैक फंगस के केवल चार से पांच मामले आए हैं। अधिकांश मामलों के लक्षणों में चेहरे पर सूजन, चमड़ी का काला पड़ना व दिखाई देना बंद हुआ हैं। दो मरीज अपनी एक-एक आंख भी खो चुक हैं लेकिन चिकित्सकों ने उनका जीवन बचा लिया।

मरीजों के लिए पहुंचे एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन

पीजीआइ में अब मरीजों को एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन मिलने लगे हैं। प्रदेश सरकार के स्टेट हाऊस से मरीजों के लिए एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन भेजे गए हैं। जिसके बाद से मरीजों को राहत मिली है। दैनिक जागरण ने मुद्दों को प्रभावी तौर पर उठाया था, जिसके बाद हेल्थ विवि के अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए मरीजों के लिए इंजेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार से बातचीत की थी।

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