नौ विभाग सेवाएं देने में लचर, मुख्य आयुक्त ने लगाई फटकार

हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागाध्यक्षों की बैठक ली।

JagranFri, 17 Sep 2021 06:46 AM (IST)
नौ विभाग सेवाएं देने में लचर, मुख्य आयुक्त ने लगाई फटकार

-हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागाध्यक्षों की बैठक ली

-तीन बार अफसरों की शिकायत हुई तो जाएगी नौकरी फोटो- 4, 5, 6

जागरण संवाददाता, हिसार : गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों व संबंधित विभागों के अध्यक्षों की बैठक आयोजित हुई। अध्यक्षता हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने की। इस दौरान बिजली निगम, एचएसवीपी सहित नौ विभागों के अधिकारियों को समय पर सेवाएं ने देने पर मुख्य आयुक्त ने खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा है कि अधिनियम के दायरे में आने वाली सेवाओं के विस्तार के लिए जल्द ही आयुष्मान भारत, प्रापर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र में संशोधन, सीवरेज कनेक्शन, खाद व फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजनाओं, मनरेगा को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने विभागाध्यक्षों के लिए सख्त हिदायत के साथ कुछ लक्ष्य भी निर्धारित किए। निर्देश दिए कि सेवाओं के निपटान के मामले में विभागों का स्कोर 10 में से कम से कम 9.9 होना चाहिए। नागरिकों से सेवाओं के संबंध में ली जाने वाली प्रतिक्रिया के मामले में भी पांच में से कम से कम चार अंक होने चाहिए। जो अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं उन्हें दो टूक कहा कि जिम्मेदारी समझें नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तीन बार जुर्माना लगा तो जाएगी नौकरी

31 अक्टूबर तक सभी विभाग वर्ष 2020 तक की लंबित सेवाओं के मामलों का निपटान होगा। विभाग नागरिकों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के मामले में रिजेक्शन रेट को भी कम से कम करें। यदि इन बिदुओं पर किसी भी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो उन्हें समन कर मुख्यालय बुलाया जाएगा। ऐसे मामलों में 20 हजार रुपये तक की जुर्माना लगाया जाएगा। किसी एक अधिकारी पर तीन बार इस प्रकार की जुर्माना लगा तो उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

सेवाएं देने में इन विभागों के अफसरों को दी चेतावनी

- एग्रीकल्चर मार्केटिग बोर्ड

- बिजली निगम

- वेलफेयर आफ एससी-बीसी

- एचएसवीपी

- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता

- जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी

- महिला एवं बाल विकास

- श्रम विभाग

- शहरी स्थानीय निकाय विभाग जानबूझकर मामले लटकाने वालों के लिए आटो अपील

मुख्य आयुक्त ने कहा कि सेवाओं में जानबूझकर लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में आटो अपील सिस्टम विकसित किया गया है जिसमें सेवाओं में की जाने वाली देरी के मामलों में स्वयं ही अपील फाइल होगी। जल्द ही एक काल सेंटर की स्थापना भी की जाएगी, जिसमें देरी के मामलों में आवेदक फोन करके शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। इन मामलों से समझिए कैसे लटकाए जा रहे केस

चार-चार साल तक लटकाए जा रहे काम

समीक्षा करते हुए मुख्य आयुक्त ने बताया कि जो काम 60 दिन के समय तक कर देने चाहिए वह भी समय से नहीं किए जा रहे हैं। जिसमें वाहन ट्रांसफर, मजदूरों व किसानों की मौत पर मिलने वाला मुआवजा आदि शामिल हैं। इन कार्यों को भी चार-चार वर्ष तक लटकाया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग, बिजली निगम, भवन निर्माण आदि के कार्यों को खूब लटकाया जा रहा है। मुख्य आयुक्त ने साफ कह दिया कि इसमें सुधार कर लें अन्यथा कार्रवाई होगी।

सात साल में सात अपीलें ही आयोग तक पहुंची

सेवा का अधिकार आयोग ने वर्ष 2014 से काम शुरू किया। मगर हैरानी की बात है कि सात साल में उनके पास महज सात अपीलें ही पहुंची। जबकि दूसरी तरफ लोगों के आवेदन हजारों की संख्या में लंबित दिख रहे थे। इससे पता चला कि आयोग तक लोगों की शिकायतें पहुंच ही नहीं रही हैं। प्रदेश में हर रोज 600 शिकायत सीएम विडो पर दर्ज की जाती हैं। इसको लेकर जल्द ही हम नया प्राविधान लाएंगे। सुविधाओं से जुड़ी कोई शिकायत सीएम विडो पर आती तो संबंधित अधिकारी को सीधा नोटिस मिलेगा।

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