बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालने के कार्य का भयाना ने किया शुभारंभ

बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालने के कार्य का भयाना ने किया शुभारंभ

संवाद सहयोगी हांसी शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए विधायक विनोद भयाना ने शुक्रवार

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 06:52 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, हांसी : शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए विधायक विनोद भयाना ने शुक्रवार को साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए एचडीपीए पाइप लगाने के कार्य का शुभारंभ किया। भयाना ने मुलतान कालोनी चौक पर नारियल फोड़कर इस बड़े प्रोजेक्ट की आधारशिला रखते हुए कहा कि जींद बाइपास रोड पर स्थित जलघर से जींद रोड पर नई मेन लाइन डालने का प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है और जल्द ही नई पेयजल लाइन डालने का कार्य शुरु हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिये करीब साढे़ सात करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में पुराने आरसीसी पाइप की जगह नये पाइप व एचडीपीइ पाइप लगाने के कार्य होंगे। विधायक ने बताया कि मुलतान कालोनी चौक से जींद चौक, उमरा गेट से सब्जी मंडी होते हुए भगत सिंह रोड से पुराना बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड से होते हुए तोशाम चुंगी, बजरंग आश्रम से समाधा रोड व बस स्टैंड से तोशाम रोड डिस्पोजल मल्टीपर्पस ड्रेन में डाला जाएगा। ये ड्रेन करीब दो किलोमीटर में बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद शहर के लोगों को बरसाती पानी की निकासी की वर्षों से चली आ रही समस्या से निजात मिलेगी। शुभारंभ के अवसर पर जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता रोहित कुमार, एसडीओ राजेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता अमरीक सिंह, विक्रम सिंह, पार्षद अशोक ढालिया, रतिराम यादव, प्यारे लाल, डा. सुनील शर्मा, गणपत पालड़ा, महावीर सिंह आदि उपस्थित थे। टैक्ट चोरी करने के मामले में स्टेट क्राइम ब्रांच ने हांसी से एक व्यक्ति किया गिरफ्तार

संवाद सहयोगी, हांसी : जीएसटी चोरी करने करके के लिए फर्जी फर्म बनाने के मामले में स्टेट क्राइम ब्रांच ने हांसी में एक व्यक्ति सिरसा निवासी अनुपम सिगला को हांसी से गिरफ्तार किया है। अनुपम पर करीब 2.60 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी करने का आरोप है। मामला करीब डेढ़ वर्ष पुराना है। जीएसटी विभाग से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने साल 2019 में राघव इंडस्ट्रीज हांसी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इस मामले में स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा जांच की जा रही है। आरोप है कि जिस नाम से जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवाया गया था उस नाम की फर्म वास्तव में आस्तित्व में ही नहीं थी। फर्म के मालिक का पता पंजाब के सरदूलगढ़ का दिया गया था। फर्म ने साल 2018 में करीब 52 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिखाया था। इस फर्म पर टैक्स चोरी करने का आरोप है। जिस कारण से सरकार को करीब 2.60 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

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