ट्रेन लूट में शामिल था नाबालिग, आठ इंच की जगह से एसी बोगी में घुसकर लुटेरों के लिए खोलता था दरवाजा

ट्रेन लूट गिरोह में शामिल नाबालिग हरियाणा के फतेहाबाद से काबू किया गया है। इससे पहले चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 30 जून को गुजरात व अन्य राज्यों की रेलवे पुलिस टोहाना पहुंची थी। नाबालिग डिब्बों के बीच से एसी बोगी में घुसकर दरवाजा खोलता था।

Umesh KdhyaniThu, 22 Jul 2021 09:27 PM (IST)
मास्टरमाइंड ने अपने पिता से ट्रेन रोकना सीखा था। ट्रेन रुकते ही नाबालिग एसी कोच में घुसकर दरवाजा खोलता था।

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। ट्रेनों में लूटपाट की वारदातों में शामिल एक नाबालिग को हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव टोहाना से पकड़ लिया गया है। उससे लूटा गया सामान और नकदी बरामद नहीं हुई है। इससे पहले ट्रेनों में लूटपाट करने वाले टोहाना निवासी आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन आरोपितों को पुलिस टोहाना से लेकर जा चुकी है। पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने 18 वारदातें कबूली थीं। ऐसे में इन चारों आरोपितों के साथ नाबालिग भी था, जो इनकी सहायता करता था। पकड़े गए आरोपित टोहाना निवासी राहुल, सोनी, दीपक व सुखदीप सिंह थे।

पूछताछ में सामने आया था कि गिरोह में एक नाबालिग भी शामिल है। वह ट्रेन रुकते ही डिब्बों के बीच आठ इंच के स्थान से एसी बोगी में घुसकर बदमाशों के लिए दरवाजा खोलता था। जीआरपी एएसपी राकेश खाखा ने बताया कि उसे बाल न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। जांच में शामिल पुलिस अफसरों का कहना है कि नाबालिग ने अपने हिस्से की राशि खर्च कर दी थी। जिन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया था, वे सभी गांजा सहित कई तरह के नशे के आदी हैं। उन्होंने नाबालिग को भी इनकी लत लगा दी थी। वह तीन साल से गिरोह के संपर्क में था।

ट्रेन को रोकने का तरीका मास्टरमाइंड राहुल ने अपने पिता से सीखा था

30 जून को टोहाना पुलिस व गुजरात की रेलवे पुलिस ने ट्रेनों को रोकर यात्रियों के साथ लूटपाट करने के गिरोह के चार सदस्यों को काबू किया था। ये चारों आरोपित टोहाना के रहने वाले है। लेकिन इसमें मास्टरमाइंड राहुल था। राहुल को पिता रेलवे में गैंगमेन के पद पर तैनात है। गैंगमेन का काम होता है कि कैसे ट्रेन को सिग्नल देना है। अपने पिता से सीखी तरकीब को उसने अपना लूट का सबसे बड़ा हथियार बना लिया। अहमदाबाद रेलवे पुलिस के की पूछताछ में राहुल ने कबूला है कि उसके पिता गैंगमैन हैं। उनके साथ पटरियों पर जाते वक्त उसने सीखा था कि हर स्टेशन के पहले ट्रैक पर एक सर्किट होता है।

फास्ट टैग की तकनीक से पकड़े गए थे आरोपित

फास्ट टैग तकनीक से ही गुजरात पुलिस ने इन आरोपितों को पकड़ा था। रेलवे के उच्च पुलिस अधिकारियों द्वारा जब अपराधी पकड़ में नहीं आए तो उन्होंने 19 जून से लगातार हो रही लूट का एक मैप तैयार किया। हर लूट में करीब 300 किमी का फासला दिखा। हाईवे के पास ही सभी वारदातें की गई थीं। इस पर पुलिस ने  टोल नाकों को ट्रैक किया। जानकारी मिली कि लुटेरे 25 जून की रात 9 बजकर 15 मिनट मांगलिया, 9 बजकर 45 मिनट पर एक स्विफ्ट कार से देवास क्षेत्र से पार हुए। उस कार में फास्ट टैग लगा था। इसे रेलवे पुलिस अधिकारी ने ट्रैक किया तो जानकारी मिली कि इस कार से हरियाणा के टोहाना निवासी दीपक के बैंक खाते से रुपये अदा हुए हैं। पुलिस ने दीपक के बैंक अकाउंट व उसे घर तथा मोबाइल नंबर की जानकारी मिली। गुजरात पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के माध्यम से टीम को टोहाना में भेजकर स्थानीय पुलिस के माध्यम से 4 आरोपितों को काबू कर उनसे लूटे गये 23 तोले सोने के जेवरात, नकदी व अन्य सामान बरामद किया था।

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