कोरोना से गई जिगरी दोस्तों की जिंदगी, अब रोहतक में घरों को सैनिटाइज करने का लिया संकल्प

महामारी में पत्नी हरियाणा पुलिस की ड्यूटी देकर निभा रही फर्ज, पति कर रहा घरों को सैनिटाइज

कोरोना अन्य किसी की जान ने ले इसलिए एक युवक ने वायरस को ही मारने का संकल्प ले लिया। कोरोना संक्रमित लोगों के घरों को सैनिटाइज करने का बीड़ा उठा लिया। खुद ही पीठ पर सैनिटाइज मशीन लादकर सैनिटाइज करने की मुहिम छेड़ दी है।

Manoj KumarWed, 05 May 2021 03:07 PM (IST)

रोहतक, जेएनएन। रोहतक की शीतल नगर के पदक सिंह ढुल। हाल ही में कोरोना वायरस ने कई जिगरी दोस्तों

की जिंदगी को ले लिया। इससे दिल को बड़ा आघात पहुंचा। कोरोना अन्य किसी की जान ने ले, इसलिए वायरस को ही मारने का संकल्प ले लिया। कोरोना संक्रमित लोगों के घरों को सैनिटाइज करने का बीड़ा उठा लिया। खुद ही पीठ पर सैनिटाइज मशीन लादकर सैनिटाइज करने की मुहिम छेड़ दी है।

कोरोना संक्रमित परिवार, जहां अपने भी जाने से डर रहे हैं, वहां जाकर पूरे मकान को सैनिटाइज कर रहे हैं। कहते हैं दूसरों की मदद करना ही जिंदगी है। मूल रूप से जिला के गांव भगवतीपुर निवासी 37 वर्षीय पदक सिंह ढुल लंबे समय से शहर के शीतल नगर में परिवार के साथ रहते हैं। पिछले कई दिनों पीठ पर मशीन लादकर मकानों को सैनिटाइज कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर ने कई जिगरी दोस्त छीन लिए। मन बड़ा व्यथित हो गया।

कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी कम उम्र में उसके दोस्त ऐसे छोड़कर चले जाएंगे। लेकिन हिम्मत नहीं हारी और फिर संकल्प लिया कि जितना हो सकेगा, लोगों की जिंदगी बचाने का प्रयास किया जाएगा। इसलिए कोरोना वायरस से लोगों को बचाने का निर्णय लिया। कोरोना संक्रमित लोगों के घरों को सैनिटाइज करने का अभियान

शुरू किया, जहां लोग जाने से कतरा रहे हैं। इसमें जोखिम तो है, लेकिन लोगों की जिंदगी बचाना भी तो जरूरी है। जिंदगी वहीं है, जो किसी दूसरे के काम आ सके। अपने लिए तो सभी जीते हैं। पदम सिंह ढुल का कहना है कि वह 100 से अधिक मकानों को सैनिटाइज कर चुके हैं। जब तक कोरोना वायरस खत्म नहीं हो जाएगा, उसकी मुहिम चलती रहेगी।

पत्नी निभा रही वर्दी का फर्ज

पदक सिंह ढुल लोगों की सेवा के लिए राजनीति में भी सक्रिय है। भाजपा युवा मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। लेकिन समाजसेवा पहली प्राथमिकता रहती है। समाज सेवा व कई मामलों में पार्टी लाइन से हटकर भी काम करना पड़े तो भी पीछे नहीं हटते। जब दो साल के थे, तब सिर से मां का साया उठ गया। किसी तरह खुद को संभाला। पत्नी हरियाणा पुलिस में हैं, जो अपनी वर्दी का फर्ज निभा रही हैं। नौवीं कक्षा में बेटा पढता है, जिसकी देखभाल वह खुद करते हैं क्योंकि पत्नी की जिम्मेदारी भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

जरूरतमंदों को बांटा खाना, मास्क व सैनिटाइन भी किए वितरित

पदक सिंह ढुल कोरोना महामारी बचाव को लेकर पिछले साल लॉकडाउन लगाया तो जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाने का काम किया। कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए मास्क व सैनिटाइजर भी वितरित किए। ब्लड डोनेशन से भी कई लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं। एक बार एबी नगेटिव ब्लड ग्रुप के मरीज को खून की जरूरत थी। उसे किसी ने सूचना दी तो वह तुरंत पीजीआइ पहुंचे और ब्लड डोनेट किया।

 

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