साजिश के तहत प्रेमी की हत्या करने वाले जीजा-साली को उम्रकैद

हिसार, जेएनएन। एडीजे डीआर चालिया की अदालत ने गांव पाबड़ा की रॉबीना उर्फ बीनू और जींद के खरल निवासी उसके जीजा सुरेंद्र को हत्या और साजिश रचने पर उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 5-5 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर 2-2 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा सुरेंद्र को शस्त्र अधिनियम के तहत अलग से 3 साल की कैद और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे 6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

अदालत ने दोनों को बुधवार को दोषी करार दिया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार बरवाला पुलिस ने 27 अक्टूबर 2016 को जेवरा गांव के पास एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया था। जेवरा गांव के सतबीर सिंह ने शव की शिनाख्त अपने भतीजे जयपाल उर्फ सोनू के रूप में की थी। पुलिस ने सतबीर की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान जींद के खरल निवासी सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।

उसने पूछताछ में बताया कि उसके रिश्ते में साली रॉबीना मेरी ससुराल के पड़ोस में रहती है। उसने मुझे बताया था कि वह सोनू से प्यार करती है, लेकिन वह शादी से इनकार कर रहा है। इसलिए वह उससे बदला लेना चाहती है। सुरेंद्र के अनुसार वह 27 अक्टूबर को रॉबीना को लेकर हिसार आ गया। वह एक होटल में करीब तीन घंटे तक उसके साथ रहा। फिर सोनू का फोन आया तो उसे अग्रोहा बुला लिया। वहां होटल में स्टाफ ने तीन लोगों को एक कमरा देने से मना कर दिया। सुरेंद्र उन्हें बरवाला की तरफ अपने दोस्त की ढाणी की ओर ले गया। रास्ते में बालक चौक से सोनू ने अपनी बाइक सरसौद की तरफ मोड़ दी।

तीन किलोमीटर बाद पीछे बैठी रॉबीना ने बाइक रुकवा ली। सुरेंद्र ने बताया कि मैंने और सोनू ने शराब पी। वहां से जब चलने लगे तो रॉबीना ने मुझे सोनू को गोली मारने का इशारा किया। इस पर मैंने पिस्तौल से सोनू की पीठ में गोली मार दी। सोनू वहीं निढाल हो गया। उसके बाद वह रॉबीना को हिसार छोड़कर अपने गांव चला गया।

दोषी की बाइक की नंबरप्लेट ने भी जोड़े तार
पुलिस को ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में पसीना बहाना पड़ा। जयपाल उर्फ सोनू के परिवार के एक सदस्य ने अपने बयान में बताया कि घटना से दिन उसने जयपाल, रॉबिना और सुरेंद्र को साथ देखा था। इसके अलावा पुलिस ने आरोपित सुरेंद्र से 315 बोर की पिस्तौल बरामद की थी। उस पिस्तौल के चैबर में गोली का खोल फंसा था। इस खोल और मौके से मिले खोल का मिलान हो गया। सरकारी वकील राजीव सरदाना ने बताया कि ब्लेस्टिक रिपोर्ट का पॉजीटिव आना और घटनास्थल पर मिली सुरेंद्र के मोटरसाइकिल की नंबरप्लेट का मिलना सजा का आधार बना।

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