हरियाणा में DAP के लिए मारामारी, पुरुषों के साथ घंटों लाइन में लगी महिलाएं, हो रही धक्का मुक्की

अक्टूबर माह की शुरूआत में सरसों की बिजाई की जाती है। लेकिन इस बार डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पाई इसलिए काफी किसान अभी तक सरसों की बिजाई नहीं कर पाए हैं। किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Rajesh KumarSat, 23 Oct 2021 08:03 PM (IST)
झज्जर : रेवाड़ी रोड स्थित खरीद केंद्र पर डीएपी के लिए लाइन में लगे लोग।

जागरण संवाददाता,झज्जर। डीएपी के लिए मारामारी पूरे प्रदेश में चल रही है। झज्जर की बात करें तो किसानों को जहां कहीं भी खाद उपलब्ध होने की सूचना मिलती है तो वे दौड़े चले जाती है। डीएपी खाद के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी रहती है। जहां पुरुषों के साथ महिलाएं भी घंटों लाइनों में लग रही है। साथ ही धक्का मुक्की के बावजूद भी खाद नहीं मिल पा रही। ऐसा ही नजारा शनिवार को रेवाड़ी रोड स्थित डीएपी खाद के खरीद केंद्र पर देखने को मिला। जहां डीएपी खाद उपलब्ध होने की सूचना पर सुबह ही किसानों की लंबी लाइन लग गई थी।

हर कोई अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। एक लाइन में पुरुष खड़े थे तो दूसरी में महिलाएं। सभी को खाद के लिए घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद शाम को काफी लोगों खाद खत्म होने के कारण वापस मायूस होकर लौटना पड़ा। शुक्रवार रात को जिले में करीब 150 मीट्रिक टन (3 हजार बैग) डीएपी खाद पहुंची थी। जो विभिन्न खरीद केंद्रों को वितरित की गई। लेकिन किसानों की भीड़ के आगे यह खाद की उपलब्धता ऊंट के मुंह में जीरे समान सिद्ध हुई।

बिजाई में हो रही मुश्किलें

सुबह से ही खाद के लिए किसान लाइन में लगे हुए थे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिली तो किसानों ने कहा कि अब उनकी बिजाई पर मुश्किलों के बादल मंडराने लगे हैं। अक्टूबर माह की शुरूआत में सरसों की बिजाई की जाती है। लेकिन इस बार डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पाई, इसलिए काफी किसान अभी तक सरसों की बिजाई नहीं कर पाए हैं। किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर देरी से सरसों की बिजाई करते हैं तो इसका पैदावार पर भी प्रभाव पढ़ेगा। समय से बिजाई नहीं होने के कारण सरसों की पैदावार घटेगी और इसका किसानों को खामियाजा उठाना पड़ेगा।

13 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता

जिले की बात करें तो करीब 13 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। अब तक कुल 1850 मीट्रिक टन डीएपी खाद ही जिले को उपलब्ध हो पाई है। जिस कारण खाद के लिए अधिक मारामारी देखने को मिल रही है। वहीं पिछले वर्ष जिले में 30 हजार हेक्टेयर से अधिक एरिया में सरसों की बिजाई की थी। वहीं इस बार अधिक एरिया में सरसों की बिजाई होने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन डीएपी खाद की उपलब्धता में कमी किसानों के लिए आफत बनी हुई है।

सुबह 6 बजे से लाइन में लगे किसान

गांव रेढुवास निवासी राजकुमार ने बताया कि वह डीएपी खाद लेने के लिए सुबह करीब 6 बजे झज्जर पहुंचकर लाइन में लग गया था। लेकिन दोपहर बाद तक खाद नहीं मिली। अब कह रहे हैं कि खाद खत्म हो गई। दोबारा से खाद के लिए आना होगा। केवल दो बैग डीएपी खाद के लिए हर रोज चक्कर काटने पड़ रहे हैं। काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डीएपी खाद नहीं मिलने के कारण सरसों की बिजाई भी समय से नहीं हो पा रही।

गांव सुरेहती निवासी नरेश ने बताया कि वह सुबह छह बजे ही डीएपी खाद लेने के लिए आया था, लेकिन अब खाद नहीं मिली। पहले भी करीब दस बार खाद लेने के लिए चक्कर काट चुका है। डीएपी खाद के लिए लाइन में लगता है और घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल पाती। इसलिए काफी परेशानियों का समाना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि डीएपी खाद समय से उपलब्ध करवाई जाए, ताकि गुजारा करने लायक अनाज हो सके।

20 हजार बैग पहुंच जाएगी

झज्जर डीडीए इंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार रात को एक हजार मीट्रिक टन (20 हजार बैग) डीएपी खाद पहुंच जाएगी। जो जिले के सभी खरीद केंद्रों पर उपलब्ध होगी। खाद के आने के बाद किसानों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। किसान धीरज रखते हुए आवश्यकता अनुसार खाद की खरीददारी करें।

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