Kisan Andolan: पीएम मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का किया ऐलान, सिरसा में किसानों ने जताई खुशी

स्वामीनाथन संघर्ष किसान समिति के अध्यक्ष विकल प्रचार ने बताया कि कृषि कानूनों को वापस लेना किसानों की जीत हुई है। किसान लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। देश के प्रधानमंत्री को एमएसपी व स्वामी नाथन रिपोर्ट भी लागू करनी थी।

Rajesh KumarPublish:Fri, 19 Nov 2021 05:08 PM (IST) Updated:Fri, 19 Nov 2021 05:08 PM (IST)
Kisan Andolan: पीएम मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का किया ऐलान, सिरसा में किसानों ने जताई खुशी
Kisan Andolan: पीएम मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का किया ऐलान, सिरसा में किसानों ने जताई खुशी

जागरण संवाददाता, सिरसा। देश के प्रधानमंत्री द्वारा जैसे ही कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की गई। किसानों ने खुशी जताई। किसानों ने खुशी में कई जगह पर पटाखें भी छोड़े। सिरसा में शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में पक्का मोर्चा पर विभिन्न गांवों के किसान दोपहर को एकत्रित होकर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

किसानों के संघर्ष की जीत : विकल प्रचार

स्वामीनाथन संघर्ष किसान समिति के अध्यक्ष विकल प्रचार ने बताया कि कृषि कानूनों को वापस लेना किसानों की जीत हुई है। किसान लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। देश के प्रधानमंत्री को एमएसपी व स्वामी नाथन रिपोर्ट भी लागू करनी थी। किसानोंं की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसके लिए अच्छी रणनीति लेकर आए। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।

किसानी संघर्ष की जीत  : भारूखेड़ा

किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि कृषि कानून वापस लेना किसानी संघर्ष की जीत है। यह आंदोलन जन आंदोलन बन गया था। पूरे देश की जनता इससे जुड़ गई थी। पहली बार इतना बड़ा आंदोलन हुआ। इससे पहले चाचा अजीत सिंह ने अंग्रेजी शासन काल में नौ महीने आंदोलन चलाया था और अंग्रेजी शासन के दौरान ही किसान विरोधी कानून वापस लेने पड़े थे। आज सौ वर्षों के बाद फिर से किसानों ने आंदोलन शुरू किया और जीत हुई। यह जीत उन 700 किसानों की शहादत की भी है जिन्हाेंने कृषि कानून के लिए अपना जीवन बलिदान किया। आंदोलन को लेकर आगे के निर्णय के बारे में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी, उसमें निर्णय लिया जाएगा।

धरती पुत्रों की भावना का सम्मान

भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने कहा कि कृषि कानून वापसी का निर्णय धरतीपुत्रों की भावना का सम्मान है। प्रकाश पर्व पर तीनों कृषि कानूनों वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा का स्वागत करता हूं। किसानों से आग्रह है कि अब जो भी धरने व आंदोलन है, उसे वापस लिया जाए। किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और कल्याण के लिए भाजपा सरकार समर्पित है।