Kisan Andolan: रास्ता रोकने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे उद्यमी, बोले-दिल्ली पुलिस ने रोका हमारा रास्ता

बहादुरगढ़ के उद्यमियों ने बार्डर खुलवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उद्यमियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर टीकरी बार्डर खुलवाने की मांग की है। उद्यमियों ने केंद्र सरकार हरियाणा सरकार व दिल्ली पुलिस को प्रतिवादी बनाया है।

Rajesh KumarWed, 22 Sep 2021 05:50 PM (IST)
बहादुरगढ़ के उद्यमियों ने बार्डर खुलवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की याचिका।

जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन की वजह से बंद टीकरी बार्डर के कारण 20 हजार करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर का नुकसान झेल चुके बहादुरगढ़ के उद्यमियों ने बार्डर खुलवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उद्यमियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर टीकरी बार्डर खुलवाने की मांग की है। उद्यमियों ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार व दिल्ली पुलिस को प्रतिवादी बनाया है। बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारी उद्यमी नरेंद्र छिकारा, सुभाष जग्गा, विकास आनंद सोनी आदि ने याचिका में साफ तौर पर कहा कि हमारा रास्ता दिल्ली पुलिस ने बंद कर रखा है। बहादुरगढ़ में हमारे उद्योग धंधे हैं। दिल्ली से हमारे कर्मचारी और वे खुद बहादुरगढ़ आवागमन करते हैं।

दिल्ली पुलिस ने किया है बार्डर सील

दिल्ली से जाते समय सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर बार्डर सील कर रखा है। यहां से एंबुलेंस को भी जाने की अनुमति नहीं है। उन्हें भी हर रोज अपने उद्योग धंधे के लिए जाना पड़ता है। कच्चा व तैयार माल दिल्ली से आता-जाता है। ऐसे में उन्हें भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। किराये के रूप में अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। 14-15 किलोमीटर गांवों से घूमकर उन्हें आना पड़ता है। वाहनों की आवाजाही से इन गांवों में बच्चों, पशुओं व आमजन के लिए खतरा बना रहता है। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव की अोर से शपथ पत्र देने के बाद भी दिल्ली पुलिस बार्डर नहीं खोल रही है।

बार्डर बंद होने से हुआ करोड़ों का नुकसान

बार्डर बंद हुए 10 माह होने को हैं, जिससे फैक्ट्रियों को 20 हजार करोड़ से ज्यादा के टर्न ओवर का नुकसान हो चुका है। सैंकड़ों फैक्ट्रियां बंद हैं। लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित है। ऐसे में उद्यमियों ने रास्ता खोलने की मांग की। याचिका की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के वकील ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट में ऐसी ही तीन याचिकाएं लंबित हैं। उनका फैसला आने तक इस याचिका पर कोई फैसला न दिया जाए। इस पर वादी पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि बार्डर सील के लिए दिल्ली पुलिस जिम्मेदार है। रही बात सुप्रीम कोर्ट में लंबित तीनों याचिकाओं की तो वे हमारी याचिका से अलग हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायाधीश अमित बंसल ने इस मामले की सुनवाई के लिए आगामी 15 नवंबर निर्धारित की है तथा तब तक वादी पक्ष को सुप्रीम कोर्ट में दायर तीनों याचिकाओं के तथ्य पेश करने के आदेश दिए हैं।

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