किसान आंदोलन में एक और बवाल, संयुक्त मोर्चा से निलंबित रलदू मानसा के तंबू पर हमला, ताबड़तोड़ चले लाठी-डंडे

हमलावरों की पहचान नहीं हुई। इस हमले को रलदू मानसा की ओर से एक सप्ताह पहले खालिस्तान से जुड़ा बयान देने और उसके बाद संयुक्त माेर्चा द्वारा उन्हें निलंबित किए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है। हमलावर रलदू मानसा की तलाश में आए थे।

Umesh KdhyaniTue, 27 Jul 2021 05:42 PM (IST)
टीकरी बॉर्डर पर रलदू मानसा का तंबू जहां हमला हुआ।

जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा से निलंबित किए गए पंजाब किसान यूनियन के प्रमुख रलदू सिंह मानसा के टीकरी बार्डर स्थित एक ट्राली तंबू पर साेमवार रात कुछ लठैतों ने हमला कर दिया। रलदू मानसा को टारगेट बनाकर आए हमलावरों ने तंबू में सो रहे उनके समर्थक किसानों पर लाठियां बरसा दीं। इसमें दो किसान घायल हो गए। एक को ज्यादा चोट लगी है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। घायलों के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

घायलों में पंजाब के मानसा के रहने वाले गुरविंद्र और जसबीर शामिल हैं। इनमें गुरविंद्र को सिर में गंभीर चोट लगी हैं। हमलावरों की पहचान तो नहीं हुई है, लेकिन इस हमले को रलदू मानसा द्वारा एक सप्ताह पहले खालिस्तान से जुड़ा बयान देने और उसके बाद संयुक्त माेर्चा द्वारा उन्हें निलंबित किए जाने के घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हमलावर आए भी रलदू मानसा की तलाश में थे। वे पंजाबी भाषा बोल रहे थे। गुरविंद्र को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से इलाज के बाद वह मंगलवार को वापस धरना स्थल पर पहुंच गया। सेक्टर-नौ चौकी पुलिस ने बयान दर्ज किए।

पोते के साथ पंजाब चले गए हैं रलदू मानसा

बताया गया है कि गुरविंद्र, जसबीर व दो-तीन अन्य किसान ट्राली तंबू में सो रहे थे। रात को करीब 10 बजे सात-आठ युवक लाठियां लेकर आए। उन्होंने तंबू में पहुंचकर पूछा की रलदू मानसा कहां है। जब किसानों ने कहा कि उन्हें नहीं पता तो उन पर हमला बोल दिया। बाद में जब शोर मचने पर आसपास के किसान इकट्ठे हुए तो हमलावर भाग गए। इधर, पता चला है कि रलदू मानसा पहले ही अपने पोते के साथ पंजाब चले गए हैं।

रलदू मानसा संयुक्त मोर्चा से हो चुके निलंबित

बता दें कि रलदू मानसा ने पिछले दिनों आंदोलन के मंच से खालिस्तानी को लेकर कोई टिप्पणी की थी। इसके बाद संयुक्त मोर्चा ने उन्हें 15 दिनों के लिए निलंबित किया था। उधर, सोमवार रात आंदोलन के बीच ही हुए एक अन्य झगड़े में जोगेंद्र नाम का किसान घायल हो गया था। उसे रोहतक पीजीआइ ले जाया गया है। वह पंजाब का रहने वाला है। मंगलवार को वहां से स्वजन उसे घर ले गए। पुलिस ने इस झगड़े के बारे में सूचना से इन्कार किया है। ऐसे में साफ नहीं हो पाया है कि जोगेंद्र किस झगड़े में जख्मी हुआ।

पतवंत पन्नू और भिंडरावाले के खिलाफ की थी टिप्पणी

रलदू मानसा ने पिछले दिनों आंदोलन के मंच से खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत पन्नू के खिलाफ टिप्पणी की थी। उसके खिलाफ तीखा शब्द इस्तेमाल किया था। वहीं बिना नाम लिए जनरैल सिंह भिंडरावाले के खिलाफ भी टिप्पणी की थी। तब से यह मामला छाया हुआ है। सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि आखिरकार खालिस्तानी मूवमेंट के खिलाफ टिप्पणी पर माेर्चा से रलदू मानसा का निलंबन क्यों हुआ। इधर, सोमवार रात हमले में घायल हुए गुरविंद्र के सिर में 15 टांके लगे हैं। उसका कहना है कि रात को अस्पताल पहुंचने के बाद अल सुबह टांके लगाए गए।

अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया

थाना शहर बहादुरगढ़ के एसएचओ विजय कुमार ने कहा कि छह-सात लोगों द्वारा रलदू मानसा के बारे में पूछने और फिर हमला करने की घटना में दो किसानों को चोट लगी है। जिसको ज्यादा चोट लगी, उसके बयान दर्ज कर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।

  

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