सजायाफ्ता व्यक्तियों के मामले मे फैसला 21 को

नकली चोट असली केस मामले में दोषी बालसमंद निवासी डा. भूप सिंह खतरी काट रहे सजा।

JagranWed, 15 Sep 2021 05:41 AM (IST)
सजायाफ्ता व्यक्तियों के मामले मे फैसला 21 को

जागरण संवाददाता, हिसार : नकली चोट असली केस मामले में दोषी बालसमंद निवासी डा. भूप सिंह खतरी व दुमकी निवासी जयवीर 10-10 वर्ष की सजा काट रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हीं दोषियों ने अधिवक्ता हरदीप सिंह सुंदरिया व उसके पूर परिवार पर धारा 307 के तहत एक इस्तागासा सिवानी कोर्ट में दी। मामले में सात सितंबर को सिवानी में जेएमआईसी संतोष भागौतिया की कोर्ट में दोनों पक्षों में बहस के बाद मंगलवार को फैसला दिया जाना था। जो कोर्ट ने सुरक्षित रखकर 21 सितंबर पर रख दिया है। मामले में अधिवक्ता हरदीप सिंह सुंदरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त मामले में जयवीर ने डॉ. भूप सिंह खतरी से सरकारी अस्पताल हिसार में फर्जी चोटें मरवाकर फर्जी एमएलआर बनवाई थी। उक्त मामले की जांच सिवानी पुलिस ने की। बाद में हिसार पुलिस ने की। उसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर एसआईटी ने भी पर जांच की। हाई कोर्ट के आदेश से रोहतक पीजीआई में आठ डाक्टरों का स्पेशल मेडिकल बोर्ड गठित हुआ। बोर्ड ने जयवीर की एमएलआर सहित डा. भूप सिंह खतरी द्वारा काटी गई 46 एमएलआर को फर्जी पाया। इसी दौरान अधिवक्ता हरदीप सिंह ने जयवीर व डा. भूप सिंह द्वारा झूठे साक्ष्य गढ़ने का आरोप लगाकर 16 अप्रैल 2010 को हिसार सिटी थाने में मामला दर्ज करवाया था। हरियाणा सरकार ने भी डा. भूप सिंह को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया था। हिसार में डा. भूप सिंह के विरुद्द पेश किए चालान में पूरी ट्रायल चलने के बाद एडिशनल सेशन जज अलका मलिक ने डॉ. भूप सिंह व जयवीर को दोषी मानते हुए 10-10 साल का कठोर कारावास व डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी लगाया था। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश भी किया था। जिस पर डा. भूप सिंह व जयवीर ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की। उसके बावजूद उनकी जमानत नहीं हुई तथा सजा का एक तिहाई हिस्सा पूरा करने पर उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिली। इसी दौरान जयवीर व अन्य ने हरदीप सिंह अधिवक्ता व अन्य के खिलाफ दायर इस्तगासे में तत्कालीन जज सुरेंद्र कुमार जेएमआईसी सिवानी द्वारा इस्तगासा को झूठा मानते हुए इसे खारिज कर दिया था। जिसके खिलाफ जयवीर वगैरा ने रिवीजन सेशन कोर्ट भिवानी में दायर की। जहां पर निचली अदालत के आदेश को रद कर दिया गया और नया आदेश पारित करने का आदेश दिया था। जिस पर सिवानी कोर्ट ने अधिवक्ता हरदीप सिंह के मामले में धारा 307 के तहत समन जारी किए थे। जिसको अधिवक्ता हरदीप सिंह ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था। उस आर्डर को हाईकोर्ट ने रद करते हुए पुन: दोनों पक्षों की उपस्थिति में सुनवाई का आदेश दिया था। जिस पर सात सितंबर को दोनों पक्षों की बहस पूर्ण हुई। मामले में मंगलवार को फैसला दिया जाना था। अब अगली सुनवाई के लिए 21 तरीख निर्धारित की गई है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.