रोहतक में सिनेमा मालिक की आइडी पर अंतराज्जीय गिरोह ने खोले फर्जी खाते, ठगी की रकम करते थे ट्रांसफर

ठगी करने वाले अंतरराज्जीय गिरोह ने कानपुर के सिनेमा मालिक के नाम पर दिल्ली और मुंबई समेत तीन अलग-अलग स्थानों पर बैंक खाते खोल दिए। जिसमें रोहतक समेत अन्य शहरों के लोगों खातों से मोटी रकम निकालकर ट्रांसफर करते रहते थे।

Manoj KumarSun, 20 Jun 2021 05:58 PM (IST)
रोहतक पुलिस की इकोनोमिक सेल ने कानपुर के सिनेमा मालिक को किया जांच में शामिल, बनाया गवाह

रोहतक [विनीत तोमर] साइबर ठगी के अंतरराज्जीय गिरोह ने कानपुर के सिनेमा मालिक के नाम पर दिल्ली और मुंबई समेत तीन अलग-अलग स्थानों पर बैंक खाते खोल दिए। जिसमें रोहतक समेत अन्य शहरों के लोगों खातों से मोटी रकम निकालकर ट्रांसफर करते रहते थे। जबकि पुलिस ठगी के इस खेल में सिनेमा मालिक को भी शामिल मान रही थी। लंबी जांच पड़ताल के बाद रोहतक पुलिस की इकोनोमिक सेल ने सिनेमा मालिक का पता निकालकर जांच में शामिल किया। जिसके बाद पर्दाफाश हुआ कि अंतरराज्जीय गिरोह ने सिनेमा मालिक के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उनके नाम पर यह फर्जी खाते खोल रखे थे। इसमें लंबे समय से ठगी का रकम का लेनदेन चल रहा था।

यूं समझे मामला

कंसाला गांव के रहने वाले संजय कुमार का पंजाब नेशनल बैंक शाखा में खाता था। सितंबर 2020 को संजय कुमार के खाते से ठगों ने एक लाख 98 हजार रुपये निकाल लिए थे। इसकी जांच पुलिस की इकोनोमिक सेल को सौंप दी गई। जांच में पता चला कि संजय के खाते से जो रकम निकाली गई थी वह जींद के एक युवक के खाते में भेज दी गई। कुछ देर बाद ही दिल्ली के प्रेमचंद प्रकाश शर्मा नाम के व्यक्ति के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी गई। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने अंतराज्जीय ठग गिरोह के सदस्य कानपुर के सराय बाजार निवासी जफर मंसूरी, दिल्ली के जखीरा निवासी दीपक और रूबी उर्फ प्रिया को गिरफ्तार किया।

तीनों ही एक मोबाइल कंपनी से जुड़े हुए थे। जिन्होंने कंपनी के माध्यम से करीब 50 से अधिक फर्जी सिम इश्यू कराए और कमीशन पर गिरोह के सरगना तक पहुंचाते थे। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सरगना उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी नवीन और यूपी के प्रतापगढ़ निवासी गौरव मिश्रा व मनोज है, जो अभी फरार चल रहे हैं।

एक खाते में सिनेमा मालिक का असली आधार नंबर, दो में की गई छेड़छाड़

इकोनोमिक सेल के जांच अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि सरगना नवीन, गौरव मिश्रा और मनोज के साथ-साथ प्रेमचंद प्रकाश शर्मा की भी तलाश शुरू की। पता चला कि प्रेमचंद प्रकाश शर्मा नाम के तीन अलग-अलग बैंकों में खाते हैं। एक खाता आरबीएल बैंक दिल्ली-25, दूसरा खाता एनएसडीएल पेमेंट बैंक मुंबई और तीसरा खाता फिन केयर स्माल फाइनेंस बैंक में है। इन तीनों खातों में प्रेमचंद प्रकाश शर्मा का आधार कार्ड, पेन कार्ड और अन्य दस्तावेज लगाए गए थे, जिसमें बी-58 सनलाइट कालोनी महारानी बाग नई दिल्ली का पता दिया गया था।

हैरानी की बात यह है कि तीनों खातों में नाम और पते एक समान थे, लेकिन आधार कार्ड नंबर तीनों में अलग-अलग था। केवल फिन स्माल बैंक में असली आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल किया गया था। जांच के दौरान जब पुलिस प्रेमचंद प्रकाश शर्मा की तलाश में दिल्ली पहुंची तो वहां पर यह मकान नंबर ही नहीं मिला। यानी कि पता फर्जी दिया गया था। आखिर में पुलिस की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ी तो पता चला कि प्रेमचंद प्रकाश शर्मा का असली पता रेल बाजार डिलाइट सिनेमा बिल्डिंग कानपुर का है।

अब प्रेमचंद प्रकाश शर्मा को रोहतक बुलाकर की गई पूछताछ

असली पता मिलने पर इकाेनोमिक सेल की तरफ से प्रेमचंद प्रकाश शर्मा को नोटिस भेजकर रोहतक पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ में जो पर्दाफाश हुआ उससे पुलिस भी हैरान रह गई। 72 वर्षीय प्रेमचंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि वह सीनियर सिटीजन है और कानपुर में उनका डिलाइट सिनेमा है, जो फिलहाल बंद चल रहा है। वह खुद भी बीमारी से ग्रसित है। उनके नाम पर जो खाते खोले गए हैं इसकी कोई जानकारी नहीं है। खाते में दिल्ली का जो पता दिया गया है उस पते पर तो वह कभी गए ही नहीं है। अंतरराज्जीय ठग कहां से उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत अन्य आइडी लाए इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं। फिलहाल पुलिस ने प्रेमचंद प्रकाश शर्मा को जांच में शामिल कर मामले में गवाह बनाया है।

 

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