Dengue case: तेज होते डेंगू के डंक ने बढ़ाई चिंता, झज्‍जर जिले में गांवों से ज्यादा मरीज शहर में मिल रहे

डेंगू के मरीज स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। जिसके कारण डेंगू मरीजों का आंकड़ा भी दोहरा शतक लगाने के बाद तिहरे शतक की तरफ बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ठंड शुरू होते ही डेंगू का असर खत्म हो जाता है

Manoj KumarSat, 20 Nov 2021 10:49 AM (IST)
झज्‍जर में डेंगू के मरीज कम नहीं हो रहे हैं

जागरण संवाददाता,झज्जर : लगातार मिल रहे डेंगू के मरीज स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। जिसके कारण डेंगू मरीजों का आंकड़ा भी दोहरा शतक लगाने के बाद तिहरे शतक की तरफ बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ठंड शुरू होते ही डेंगू का असर खत्म हो जाता है, लेकिन ठंड की दस्तक के बाद भी डेंगू के मरीज मिले रहे हैं। पिछले करीब डेढ़ माह से डेंगू मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंटी लार्वा एक्टिविटी के तहत जिले में 690631 घरों का दौरा किया गया है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जल स्त्रोत में मच्छर के लार्वा की जांच की तो 9417 घरों में मच्छर का लार्वा पाया गया। वहीं 233053 कूलर की जांच की गई और 3883 में मच्छर का लार्वा मिला है। साथ ही 371362 टंकियों की जांच की गई और 3737 में मच्छर का लार्वा पाया गया। इसके साथ ही 226423 कंटेनर की जांच की गई।

इनमें से 2227 कंटेनर में मच्छर का लार्वा मिला। वहीं 127543 होदी की जांच की तो 3437 में मच्छर का लार्वा पाया गया। इसके अलावा 43866 फ्रीज की ट्रे जांची और 845 में लार्वा मिला। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों ने 15017 ग्रुप बैठकें की। जिस दौरान लोगों को मच्छर जनित बीमारियों के लिए जागरूक किया। साथ ही 8109 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस भी थमाए गए।

मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 367 बेड प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में रिजर्व किए गए हैं। इनमें से 95 बेड सरकारी अस्पताल, सब डिविजन अस्पताल व सीएचसी में रिजर्व किए हैं। वहीं 272 बेड प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम में रिजर्व किए गए हैं। ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को इन बेड पर भर्ती करके उपचार किया जा सके। साथ ही पंचायतों द्वारा 50 गांवों फोगिंग का कार्य करवाया गया है।

शहरी निकाय द्वारा 58 वार्ड एवं सेक्टर में फोगिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा 462 जल स्त्रोतों में मच्छर के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए गंबूजिया मछली डाली गई है। गंबूजिया मछली मच्छर के लार्वा को खाकर नष्ट करती है।

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