बड़ी लापरवाही : कोरोना संक्रमित होने के 10 दिन बाद किया मकान सील, नेगेटिव होने पर भी कंटेनमेंट जोन

कोरोना केसों के कुछ मामलो में प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। फाइल फोटो
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 03:50 PM (IST) Author: Manoj Kumar

रोहतक, जेएनएन। कोरोना महामारी में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से  आमजन को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। एक ऐसा ही मामला अर्जुन नगर में सामने आया है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के मकान को दस दिन बाद सील किया। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी मकान के बाहर  लगाई गई बांस-बल्लियों को नहीं हटाया जा रहा है। परिवार के सदस्य मानसिक रूप से प्रताडि़त हैं और उनका आवागमन भी पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

अर्जुन नगर निवासी एवं दुकानदार हरीश मिगलानी ने बताया कि 31 अगस्त को मेरी कोरोना पॉजीटिव की रिपोर्ट आई। स्वास्थ्य विभाग ने हरीश को घर में ही आइसोलेट कर दिया। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने घर के बाहर बांस-बल्लियां 10 सितंबर को लगा दीं। हरीश के स्वजनों ने कहा है कि 31 को पॉजीटिव की रिपोर्ट आई थी, इसलिए अगले एक-दो दिन में दोबारा से जांच कराएंगे। इसी के बाद यहां बांस-बल्लियां लगाईं जाएं। फिर भी घर के बाहर बांस-बल्लियां लगा दीं। 13 सितंबर को रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। इसी के बाद से अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

बच्चे की पढ़ाई हो रही प्रभावित, घर में हवन के दौरान भी नहीं आया कोई

हरीश ने बताया है कि चार साल का बेटा आरूष ट्यूशन पढऩे जाता है। बांस-बल्लियां लगे होने के कारण ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका ने सीधे तौर से कह दिया कि अभी बच्चे को घर में ही पढ़ाएं। दूसरे बच्चों के स्वजन कोरोना के डर के कारण ऐतराज जताते हैं। इनका यह भी कहना है कि चार दिन पहले घर में पूजा और हवन-यज्ञ कराया था, लेकिन बांस-बल्लियां लगी होने के कारण कोई पड़ोसी और रिश्तेदार तक नहीं आया। इनका कहना है कि स्वजन मानसिक तौर से बेहद परेशान हैं।

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कोरोना पॉजीटिव की रिपोर्ट हमारे पास सीएमओ कार्यालय से आती है। इसी तरह डी-नोटिफाइड एरिया भी सीएमओ कार्यालय घोषित करता है। मेरे संज्ञान में अभी तक अर्जुन नगर का मामला सामने नहीं आया है। शनिवार को अर्जुन नगर में टीम भेजकर बांस-बल्लियां हटाने का कार्य करेंगे।

सुरेश कुमार, जेई, लोक निर्माण विभाग

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मुझसे संबंधित व्यापारी ने शिकायत की थी। मैंने नगर निगम कार्यालय में शिकायत की तो वहां जानकारी दी गई कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ही बांस-बल्लियां हटवा सकते हैं।

राधेश्याम ढल, पार्षद, वार्ड-14

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