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होम क्वारंटाइन कोरोना मरीज घर ही चेक कर पाएंगे ऑक्सीजन व पल्स लेवल

जागरण संवाददाता, हिसार: जिले के कोरोना मरीज भी अपने घर पर ही ऑक्सीजन की मात्रा और धड़कन चेक कर पाएंगे। प्रदेश में सर्वाधिक कोरोना प्रभावित राज्यों की तर्ज पर जिले के कोरोना मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पल्स ऑक्सीमीटर यंत्र मरीजों को दिए गए हैं। पल्स ऑक्समीटर यंत्र के जरिये कोरोना मरीज ऑक्सीजन की मात्रा और धड़कन अथवा पल्स रेट का प्रतिदिन का रिकॉर्ड रख पाएंगे। जिससे कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन की मात्रा का पता लग सकेगा और उनकी धड़कन अथवा पल्स का भी अंदाजा डाक्टर्स को रहेगा। जिससे कोरोना मरीजों के उपचार में सहयोग मिल सकेगा।

प्रदेश में कोरोना मरीजों को डिस्चार्ज करने के लिए नई गाइडलाइन बनाई गई है। इसके तहत बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षणों वाले मरीजों को विभाग की ओर से घरों में ही क्वारंटाइन किया जाता है। घर क्वारंटाइन किए गए मरीजों में देखने में आया है कि मरीजों में बिना कोई लक्षण भी अचानक उनमें ऑक्सीजन की मात्रा घटी है। देश में कई राज्यों में कोरोना के मामलों में ऐसा देखा गया है। इसलिए प्रदेश स्वास्थ्य मुख्यालय की ओर से अन्य राज्यों की तर्ज पर मरीजों में ऑक्सीजन लेवल का रिकॉर्ड रखने और धड़कन के बारे में जानकारी के लिए विभाग की ओर से ही मरीजों को पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाए गए है।

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90 फीसद से कम ना हो ऑक्सीजन की मात्रा

सामान्यत मनुष्य में ऑक्सीजन की मात्रा 90 फीसद तक होनी चाहिए। लेकिन कोरोना के मामलों में देखने में आया है कि मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और उनमें ऑक्सीजन की मात्रा घटती जाती है। साथ ही बुखार होने पर उनकी धड़कन भी सामान्य नहीं रह पाती। घरों में होम क्वारंटाइन किए गए कोरोना मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को पल्स ऑक्सीमीटर यन्त्र उपलब्ध करवाए और अपने स्वास्थ्य पर निगरानी करने बारे जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना पॉजिटिव लोगों के घर जाकर सैम्पलिग अभियान भी चलाया। जिसमें हेल्थ इंस्पेक्टर पवन आहुजा, लकी ठकराल, सुनील भानखड़, सौरभ आदि शामिल थे।

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