कोविड में माता पिता गंवाने वाले बच्चों को पीएम केयर्स से मिलेगी तकनीकी शिक्षा, प्रशासन ने कराई प्रक्रिया शुरू

दस साल से कम उम्र के बच्चों का नजदीकी सेंट्रल स्कूल या प्राइवेट स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। जो बच्चे 11 से 18 साल के बीच के हैं उन्हें सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय जैसे केंद्र सरकार के किसी भी आवासीय स्कूल में भर्ती कराया जाएगा।

Naveen DalalSun, 28 Nov 2021 08:40 PM (IST)
बच्चों ने तकनीकि शिक्षा प्राप्त करने की मांग उठाई है जिसके लिए किए जा रहे प्रयास।

हिसार, जागरण संवाददाता। कोविड-19 की दोनों लहरों में 16 बच्चों ने अपने माता पिता को खो दिया। इन बच्चों के भरण पोषण के लिए मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक सहायता दी गई थी। मगर अब इन बच्चों में से कई ऐसे हैं जो तकनीकी शिक्षा भी प्राप्त करना चाहते हैं। ऐसे में इन बच्चों का सपना पूरा करने का काम पीएम केयर्स फार चिल्ड्रेन स्कीम 2021 के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ऐसे विद्यार्थियों के आवेदन लिए जा रहे हैं। इसे बाद इनके खाते में सीधे एक निश्चित धनराशि जमा होगा। इस दौरान इस धनराशि पर 23 वर्ष की उम्र तक ब्याज भी जुड़ेगी। बच्चा एक बार बड़ा हुआ तो नियमानुसार परिपक्वता होने पर वह धनराशि का प्रयोग अपनी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में प्रयोग कर सकता है। प्रशासन इस कार्य में तेजी से जुट गया हैं। कागजी कार्यवाही पूरी कर जल्द ही इन विद्यार्थियों का सपना पूरा करने का काम किया जाएगा।

इस योजना में यह भी मिलेगा लाभी

इसमें दस साल से कम उम्र के बच्चों का नजदीकी सेंट्रल स्कूल या प्राइवेट स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। जो बच्चे 11 से 18 साल के बीच के हैं उन्हें सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय जैसे केंद्र सरकार के किसी भी आवासीय स्कूल में भर्ती कराया जाएगा। अगर बच्चा अपने अभिभावक या परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ रहता है तो उसे भी नजदीकी केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में दाखिला मिलेगा। बच्चे का नामांकन निजी स्कूल में किया जाता है तो शिक्षा का अधिकार कानून के तहत उसकी फीस पीएम केयर्स फंड से दी जाएगी, इसके अलावा उसकी स्कूल यूनिफार्म, किताब और कॉपियों के खर्च का भी भुगतान किया जाएगा। पीएम केयस की इस स्कीम का लाभ लेने के लिए इन लाभार्थियों के मौजूदा अभिभावकों को आवेदन करना होगा। इससे साथ ही लाभार्थी विद्यार्थी क नाम से डाक घर में एक खाता भी खुलवाना होगा। इसके बाद सीधे धनराशि मिल सकेगी। मगर इस कार्य को स्थानीय प्रशासन की देखरेख में अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

दो बच्चों का अभी तक नहीं हो पाया है सत्यापित

कोविड की दोनों लहरों में जिन 16 बच्चों ने अपने माता पिता को खोया उनमें से 14 का सत्यापन पूरा हो चुका है। वहीं दो बच्चों के माता पिता के कोविड से मरने का सत्यापन कराया जा रहा है। इन बच्चों ने तकनीकि शिक्षा प्राप्त करने की मांग उठाई है इसी के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं। इस स्कीम में बच्चे के माता पिता, दत्तक माता पिता या एकल विधि संरक्षक की मृत्यु की तारीखी 11 मार्च 2020 से लेकर 11 दिसंबर 2021 के बीच होनी चाहिए। खाता खोलने के दौरान भी इस तारीख को दर्ज कराना होगा। इसके साथ ही 18 वर्ष से कम आयु होनी अनिवार्य है। जिला मजिस्ट्रेट के अंतर्गत इस स्कीम को संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

खाता धारक बच्चे की आयु- परिपक्वता समय (वर्ष)- यह मिलेगी धनरािश (रुपये)

1 वर्ष- 17- 287870

2 वर्ष- 16- 309750

3 वर्ष- 15- 333290

4 वर्ष- 14- 358620

5 वर्ष- 13- 385870

6 वर्ष- 12- 415200

7 वर्ष- 11- 446750

8 वर्ष- 10- 480710

9 वर्ष- 9- 517240

10 वर्ष- 8- 556550

11 वर्ष- 7- 598850

12 वर्ष- 6- 644360

13 वर्ष- 5- 693330

14 वर्ष- 4- 746030

15 वर्ष- 3- 802720

16 वर्ष- 2- 863730

17 वर्ष- 1- 929370

18 और उससे अधिक- 0- 1000000

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