Heavy Rain in Hisar: बारिश के कारण आर्यनगर, भिवानी रोहिल्ला और बुडाक फीडर पानी में डूबा, 30 गांवों में बिजली ठप

हिसार में हुई बारिश से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जलजमाव होने के कारण नगर भिवानी रोहिल्ला और बुडाक फीडर में पानी भर गया। इस कारण से फीडरों को तीन तीन तक बंद रखा गया। जिससे बिजली 30 गांवों में नहीं पहुंच पाई।

Naveen DalalSat, 25 Sep 2021 11:55 AM (IST)
हिसार के 30 गांवो की बिजली प्रभावित।

हिसार, जागरण संवददाता। हिसार में पिछले तीन से चार दिन हुई बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई गांवों में जलजमाव होने के कारण लोग बारात घर में रहने को मजबूर हैं तो स्कूलों की छुट्टी की जा रही है। इसके साथ ही आर्य नगर, भिवानी रोहिल्ला और बुडाक फीडर में पानी भर गया। स्थिति इतनी खराब है कि ट्रांसफारर्मर भी यहां पानी में डूबे दिखाई दिए। इस कारण से फीडरों को तीन तीन तक बंद रखा गया। जिससे बिजली 30 गांवों में नहीं पहुंच पाई। ऐसी स्थिति एक गांव में नहीं बल्कि जिला के हांसी और नारनौंद में कई गांवों में बनी हुई है। वहीं फसलों का नुकसान भी बहुत हो रहा है।

आर्यनगर के किसान पहुंचे डीसी कार्यालय

तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण गांव आर्यनगर में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बीपीएल कार्ड धारकों के कई मकान दरार आने व दीवार गिरने से क्षतिग्रस्त हो गए है। पीड़ित ग्रामीणों ने अपने मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर उपायुक्त डा प्रियंका सोनी के दरबार में मुआवजे की गुहार लगाई है। इसी कड़ी में सावित्री बाई फुले महिला अधिकार मंच की अध्यक्षा पूनम आर्यनगर के नेतृत्व में दर्जनों बीपीएल परिवारों जिला उपायुक्त हिसार से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे।

ग्रामीण राजेन्द्र, लीला,राम किशोरी ने बताया कि की वर्ष पूर्व गांव आर्यनगर में महात्मा गांधी आवास योजना के तहत उन्हें प्लॉट अलॉट हुए थे। इन खाली प्लाटों में उन्होंने खुद मेहनत मजदूरी करके बड़ी मुश्किल से मकान बनाए थे। लेकिन इस जगह पर बरसाती व गन्दे पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नही है। तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण इन घरों में,छतों पर व गलियों में काफी ज्यादा पानी एकत्रित हो गया है।

तेज बारिश से मकान हुए क्षतिग्रस्त

तेज बारिश के कारण व पानी की समुचित निकासी नही होने के कारण उनके घरों में दरारें आकर दीवारे गिर गई है तथा कई मकान काफी क्षतिग्रस्त हो गए है । ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि हमनें गरीबी की हालत में रहकर और खून-पसीना एक करके ये मकान बनाये थे। लेकिन उनकी जीवन भर की पूंजी अब तीन दिन से हो रही भारी बारिश व पानी की निकासी नही होने के कारण मिट्टी में मिल गई है। इस कॉलोनी में बने सभी मकान गिरने की कगार पर है और सभी के मकानों में बड़ी बड़ी दरारे पड़ गई है।

वहीं सुमित्रा, बिसप्ता, चावली व जापानी ने कहा कि उनके मकानों के ऊपर से हाई वोल्टेज की बिजली की लाइन भी गुजरती है। ऊपर बिजली की लाइन ओर नीचे तीन फूट खड़ा बरसाती पानी और मकानों की जर्जर हालत देखकर उक्त कालोनी वासी काफी भयभीत है। इसी मजबूरी के चलते कई मकानों के परिजनों ने अपनी जान के खतरे के अंदेशे को देखते हुए आस पड़ोस की दूसरी कॉलोनी में रहने को मजबूर हो गए है।

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