Haryana Weather Update: हरियाणा में देरी से पहुंचेगा मानसून, यूपी की तरफ बढ़ी नमी वाली पुरवाई मानसूनी हवा

हरियाणा में मौसम आमतौर पर 25 जून तक परिवर्तनशील व खुश्क मगर बीच-बीच में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण पश्चिमी हवाएं चलने के कारण तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। आगामी दिनों में मौसम खुश्क ही रहने की संभावना है।

Manoj KumarTue, 22 Jun 2021 09:48 AM (IST)
हरियाणा में मानसूनी हवाओं की सक्रियता अगले चार -पांच दिनों तक न होने की संभावना है।

हिसार, जेएनएन। पश्चिमीविक्षोभ के प्रभाव से अधिक ऊंचाई वाली पाश्चिमी हवाओं के चलने से बंगाल की तरफ से नमी वाली पुरवाई मानसूनी हवाओं की सक्रियता कम हो जाने से मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अम्बाला, अमृतसर तक बढ़ी है। ऐसे में हरियाणा को अभी भी समय से मानसून आने का इंतजार है। ऐसे में 25 जून के बाद मौसम विभाग स्थिति देखेगा तभी मानसून के बारे में बता सकेगा।

इससे पहले सोमवार को हिसार में दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम होकर 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी के साथ न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम होकर 26.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भारत मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बनने से एक दो जगह बारिश हो सकती है। हालांकि आगामी दिनों में अधिकांश स्थानों पर मौसम खुश्क ही रहने की संभावना है।

हरियाणा में मानसून के अनुकूल नहीं बन रही परिस्थितियां

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून की हवाओं के हरियाणा की तरफ आगे बढ़ने के लिए अनुकूल मौसमी परिस्थितियां न बनने तथा मॉनसून टर्फ उत्तर में ऊपर हिमालय की तरफ बढ़ने की संभावना से मानसूनी हवाओं की सक्रियता अगले चार -पांच दिनों तक न होने की संभावना है। जिससे हरियाणा में मौसम आमतौर पर 25 जून तक परिवर्तनशील व खुश्क मगर बीच-बीच में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण पश्चिमी हवाएं चलने के कारण तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

किसान इन बातों का रखें ध्यान

- मौसम में नमी की अधिकता व बादलवाई लगातार रहने के कारण अगेती नरमा/कपास व सब्जियों की फसल में कीटों व रोगों का प्रकोप होने की संभावना को देखते हुए किसान भाई फसलों की लगातार निगरानी रखें । अगर प्रकोप दिखाई दे तो विश्विद्यालय की सिफारिश दवाइयों की स्प्रे करें।

- सब्जियों के खेतों में आवश्यकतानुसार निराई गुड़ाई कर नमी संचित करे तथा आवश्यकतानुसार सिंचाई करें।

- ग्वार, बाजरा व अन्य खरीफ फसलों के लिए खेत तेयार कर उत्तम किस्मों के बीजों का प्रबंध कर बिजाई शुरू करें। बिजाई से पहले बीजोपचार अवश्य करें।

- धान की नर्सरी में आवश्यतानुसार सिंचाई व खाद प्रबन्धन अवश्य करें।

- धान लगाने के लिए अच्छी तरह से खेत तेयार कर नमी संचित करें । पानी उपलब्ध हो तो धान में लगाना शुरू करें।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.