Haryana weather update: 10 दिन देरी से पहुंचा मानसून, इस बार अच्छी बारिश की उम्मीद

मानसून ने हरियाणा में दस्तक दे दी है। कुरुक्षेत्र और भिवानी में झमाझम बारिश हुई। 13 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसून पहुंच जाएगा। इस बार अच्छी बारिश की उम्मीद है। अभी तक हरियाणा में सामान्य बारिश हुई है। 10 दिन मानसून लेट हुआ है।

Umesh KdhyaniSat, 10 Jul 2021 08:53 AM (IST)
हरियाणा में आमतौर पर 30 जून को मानसून दस्तक देता है। मगर इस बार 10 दिन देरी से पहुंचा।

जागरण संवददाता, हिसार। मानसूनी हवाएं हरियाणा की तरफ तेजी से बढ़ रही हैं। मौसम विज्ञानियों की मानें तो 10 जुलाई के बाद बारिश होने के पूरे-पूरे आसार हैं। दक्षिण पश्चिमी मानसून में बारिश के पिछले आठ वर्षों के आंकड़ों को देखें पांच बार बारिश सामान्य से अधिक हुई है। इस बार भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

अभी तक 67.8 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। जबकि सामान्य बारिश 54 एमएम है। ऐसे में अभी तक हरियाणा में ठीक बारिश हुई है। हरियाणा में आमतौर पर 30 जून को मानसून दस्तक देता है और 5 जुलाई तक पूरे हरियाणा को कवर कर लेता है। मगर इस बार मानसून अग्रिम आकर भी लेट हो गया है। 10 दिन की देरी के साथ मानसून 10 जुलाई से 14 जुलाई तक हरियाणा के विभिन्न शहरों में बारिश करेगा। इसके साथ ही 12 से 13 जुलाई तक पूरे हरियाणा को मानसून कवर कर लेगा। मानसून में देरी पश्चिमी हवाओं के कारण हुई है। जिसके कारण मानसूनी टर्फ रेखा हिमालय की तलहटी की तरफ चली गई और मानसून के आगे बढ़ने की स्थिति ही नहीं बनी।

मानसून की यह रही अब तक स्थिति

मानसून केरल में 3 जून को चार दिन की देरी से (सामान्य तिथि 30 मई) आया। आगे लगातार मध्य भारत व उत्तर पूर्व भारत की ओर बढ़ता गया। इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश की। अरब सागर में आये चक्रवात टाक्टे व बंगाल की खाड़ी में यास चक्रवात से वातावरण में नमी की अधिकता के कारण यह समय से पहले ही इन क्षेत्रों में पहुंच गया। मगर मानसून की उत्तरी सीमा 19 जून को बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अंबाला, अमृतसर तक पहुंची मगर इस के बाद आगे नहीं बढ़ पाई क्योंकि लगातार पश्चिमी विक्षोभ आने व इनके कारण ऊपरी सतह की अधिक ऊंचाई वाली पाश्चिमी हवाओं के चलने से बंगाल की तरफ से नमी वाली पुरवाई मानसूनी हवाएं की सक्रियता में कमी आ गई।

14 जुलाई तक बारिश की संभावना

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ उत्तर में ऊपर हिमालय की तरफ बढ़ने के कारण मानसूनी हवाएं हरियाणा की तरफ नहीं बढ़ पाईं। अब मानसूनी हवाओं की सक्रियता के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने जा रही हैं। इससे राज्य में 9 जुलाई रात्रि से बदलाव आने की संभावना है। मानसून की सक्रियता 10 जुलाई से बढ़ने की संभावना है। जिससे राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में 14 जुलाई तक हवाओं व गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

हरियाणा में कब-कब मानसून आया

2020- 26 जून

2019- 16 जुलाई

2018- 28 जून

2017- 12 जुलाई

2016- 2 जुलाई

2015- 25 जून

2014- 3 जुलाई

2013- 16 जून

कब-कब कितनी हुई हरियाणा में बारिश

2020- 323.4

2019- 351.5

2018- 353.9

2017- 518.9

2016- 418.5

2015- 391.7

2014- 262.0

2013- 679.1

(नोट- बारिश मिलीमीटर में हैं। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून जून से सितंबर तक रहता है तब सामान्य रूप से 352.4 एमएम बारिश होनी चाहिए।)

नारनौल और हिसार में सर्वाधिक तापमान

मानसून आने से पहले बादलवाई रहने के बावजूद नारनाैल और हिसार में तापमान कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। नारनौल में जहां दिन का तापमान सामान्य से चार डिग्री बढ़कर 41.5 डिग्री सेल्सियस है तो हिसार में दिन का तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हालांकि मौसम विज्ञानियों को पूरी उम्मीद है कि मानसून की बारिश के बाद दिन और रात्रि तापमान में कमी दर्ज की जाएगी।

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