Haryana weather update: हरियाणा में मानसून मेहरबान, अब तक 22 फीसद अधिक बारिश, 24 घंटे बाद फिर बरसेंगे बदरा

हरियाणा में एक जून से 23 जुलाई तक 199.2 मिलीमीटर बारीश दर्ज हुई है। यह सामान्य से 22 फीसद अधिक है। मगर अब तापमान बढ़ने लगा है। 26 जुलाई रात्रि से 29 जुलाई के बीच ज्यादातर जिलों में हवाओं और गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है।

Umesh KdhyaniPublish:Sat, 24 Jul 2021 07:57 AM (IST) Updated:Sat, 24 Jul 2021 07:57 AM (IST)
Haryana weather update: हरियाणा में मानसून मेहरबान, अब तक 22 फीसद अधिक बारिश, 24 घंटे बाद फिर बरसेंगे बदरा
Haryana weather update: हरियाणा में मानसून मेहरबान, अब तक 22 फीसद अधिक बारिश, 24 घंटे बाद फिर बरसेंगे बदरा

जागरण संवाददाता, हिसार। दक्षिण पाश्चिमी मानसून 18 जुलाई से हरियाणा में सक्रिय होने से हरियाणा के ज्यादातर क्षेत्रों में 21 जुलाई तक तथा 22 व 23 जुलाई को कुछ एक स्थानों पर बारिश हुई है। एक जून से 23 जुलाई तक भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि राज्य में 199.2 मिलीमीटर बारीश दर्ज हुई है जो सामान्य बारिश (163.3 मिलीमीटर) से 22 फीसद अधिक है। मगर अब मौसम परिवर्तित होने से तापमान बढ़ने लगा है। हिसार सहित अन्य शहरों में दिन का तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। इसके बावजूद बादलवाई से लोगों को राहत जरूर मिल रही है।

26 से 29 जुलाई के बीच हल्की बारिश की संभवना

मानसून टर्फ रेखा अनूपगढ़, सवाई माधोपुर, रीवा, अम्बिकापुर होते हुए उत्तर पाश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। दक्षिण पाश्चिमी राजस्थान पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। जिससे राज्य में 24 व 25 जुलाई को कुछ एक स्थानों पर हल्की बारिश मगर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इससे 26 जुलाई से मानसून हरियाणा में फिर से और सक्रिय होने की संभावना है। इससे 26 जुलाई रात्रि से 29 जुलाई के बीच राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में  हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश होने की भी संभावना है।

कपास में अधिक दिन तक पानी न रुकने दें किसान

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विज्ञानियों के अनुसार यह बारिश सभी फसलों के लिए लाभदायक है। अभी तक मानसून सक्रिय न होने के कारण सभी फसलों में पानी की आवश्यकता थी। मगर अब मानसून की बारिश इस जरूरत को पूरा करेगी। विशेषकर धान की फसल के लिए बारिश काफी फायदेमंद है। किसान बारिश का फायदा उठाकर धान लगा सकते हैं। इसके साथ ही कपास की फसल में किसान जल निकासी का प्रबंध करें क्योंकि अधिक पानी जमा होने से फसल में नुकसान हो सकता है। ग्वार बाजरा बोने के इच्छुक किसान विश्वविद्यालय द्वारा रिकमंडेड बीजों का प्रबंध कर ले जब बारिश रुक जाए तब खेत को तैयार कर इसकी बिजाई करें।

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