Haryana Weather Update: हरियाणा में रुक-रुक कर हो रही बारिश, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम

हिसार में मंगलवार की सुबह घटा छा गई। हिसार में रुक रुक कर बारिश हो रही है। फतेहाबाद में भी बारिश हुई है। वहीं कई जगह बादल छाए हुए हैं। मगर कई जगह जलभराव की स्थिति अभी भी बनी हुई है जिससे लोग परेशान हैं।

Manoj KumarTue, 03 Aug 2021 12:30 PM (IST)
हरियाणा में बारिश के आसार बने हुए हैं, कई जगह इससे किसान खुश हैं तो कई जगह चिंता में हैं

जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा में सोमवार को जहां उमस और धूप ने परेशान किया वहीं मंगलवार की सुबह घटा छा गई। हिसार में रुक रुक कर बारिश हो रही है। फतेहाबाद में भी बारिश हुई है। वहीं कई जगह बादल छाए हुए हैं। मगर कई जगह जलभराव की स्थिति अभी भी बनी हुई है, जिससे लोग परेशान हैं। दक्षिण पश्चिम मानसून के कुछ देरी से आने पर अब बारिश ज्‍यादा हो रही है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में दिन का तापमान सामान्य से कम चल रहा है। हिसार में दिन का तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस की कमी है।

इसमें कपास के किसानों को अधिक बारिश से नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालात यह हैं कि नारनौंद, बरवाला, हांसी, आदमपुर के कई गांवों में बारिश से खेतों में पानी भर गया है। यह स्थिति खासकर उन क्षेत्रों में बनी हुई है जो निचले क्षेत्र हैं। मिर्चपुर में तो एक किसान अपने खेत में कपास की फसल के बीच तैरता दिखाई दिया। 30 जुलाई से हिसार में लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश कपास के लिए काफी बड़ी समस्या बनकर उभर रही है।

24 घंटे भी पानी भरा रहा तो कपास को हो सकता है नुकसान

एचएयू के सस्य विज्ञानी डा. करमल मलिक बताते हैं कि अभी तक कपास की स्थिति ठीक है। मगर किसानों को अपने खेत में पानी रुकने नहीं देना चाहिए। किसी भी तरह से पानी 24 घंटे में निकाल लें। कपास का पौधा अन्य पौधों की तरफ बढ़वार नहीं लेता। यह बहुत ही अलग तरीके से प्रतिक्रिया देता है। इसके साथ ही सबसे बड़ी समस्या किसानों द्वारा बिना सिफारिश दवाई उपयोग करने की है। वह एक बार अधिक उत्पादन के लिए दवा लगा देते हैं मगर वह सकारात्मक परिणाम देने के स्थान पर नुकसान करती है। इसलिए किसान एचएयू द्वारा स्वीकृत दवाओं का प्रयोग करें।

एक साल पहले कपास में हुआ था भारी नुकसान

पिछले साल कपास में किसानों को भारी नुकसान हुआ था। सबसे अधिक हिसार के आदमपुर में कपास की फसल बर्बाद हुई थी। मगर फसल खराब होने का कारण सफेद मक्खी का प्रकोप था। इसके साथ ही कुछ किसानों ने गलत दवाओं का प्रयोग किया। अब इस साल दोबारा से कपास में नुकसान न हो इसके लिए कृषि मंत्री जेपी दलाल भी काफी सक्रिय हैं। वहीं एचएयू के कुलपति भी एक-एक क्षेत्र में जाकर किसानों अौर विज्ञानियाें को कपास को सही तरीके से उगाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

प्रदेश में मानसून है सक्रिय

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विज्ञानियों की मानें तो मानसून की सक्रियता बने रहने से हरियाणा राज्य में पांच अगस्त तक कहीं-कहीं हवायों व गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मेवात, पलवल, फरीदाबाद, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व रोहतक में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस यलो अलर्ट की मानें तो यहां पांच अगस्त तक तेज बारिश के साथ तूफान आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अपने आप को इस समस्या से बचाकर रखें। जहां भी अत्यधिक बारिश से जलभराव की स्थिति सामने आए प्रशासन को सूचित करें।

 

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