जीजेयू के सहायक प्रो. सरदूल सिंह बने विवि की शान, पिछले 6 महीने में मिले तीन पेटेंट

कुलपति प्रो. टंकेश्वर ने डा. सरदूल सिंह को दी बधाई।
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 11:26 AM (IST) Author: Manoj Kumar

जेएनएन, हिसार : गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रो. सरदूल सिंह इंजीनियर सरदूल सिंह पेटेंट के मामले में विवि की शान बने हुए है। उन्होंने पिछले कुछ समय में ऑटोमेटिक यंत्रों के तीन पेटेंट करवा लिए है। इनमें हाल में ही एक आस्ट्रेलियन पेटेंट मिला है। वहीं इससे पहले भी स्मार्ट सेनेटाइजेशन सिस्टम तथा दूसरा ऑटोमैटिक पार्किंग से संबंधित पेटेंट करवा चुुके है। ऑटोमेटिक पार्किंग में जहां उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को सुधारने का यंत्र बनाया था। वहीं कोरोना से निपटने के लिए सेनेटाइज करने का सिस्टम तैयार किया था।

अब मिला स्मार्ट डोर लॉक का सिक्योरिटी सिस्टम

‘स्मार्ट डोर लॉक सिक्योरिटी सिस्टम’ में आस्ट्रेलियन पेटेंट मिला है। उनके साथ विश्वविद्यालय के सेवानिवृत प्रो. राकेश धर, दीनबंधू छोटू राम विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के सहायक प्रो. डा. सुरेंद्र दुहन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नागालैंड के डा. कमलकांत कश्यप तथा शोधार्थी सत्यदेव, प्रदीप व अतुल भी इस पेटेंट में शामिल हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार व कुलसचिव डा. अवनीश वर्मा ने डा. सरदूल सिंह तथा पूरी टीम को बधाई दी है। प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा है कि इंजीनियर सरदूल सिंह तथा प्रो. राकेश धर ने विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

ये है स्मार्ट डोर लॉकसिक्योरिटी सिस्टम

इंजीनियर सरदूल सिंह ने बताया कि यह एक खास सिस्टम है। इस सिस्टम के तहत आप अपने फोन से ही कहीं से भी अपने दरवाजों को खोल या बंद कर सकते हैं। सीसीटीवी कैमरे की भी अलग से कोई जरुरत नहीं होगी। इस सिस्टम में ही कैमरे स्थापित होंगे। इस सिस्टम को क्लाऊड नेटवर्किंग से जोड़ा गया है। घर में आने वाले या आने का प्रयास करने वाले व्यक्ति की पूरी रिकार्डिंग रखी जा सकेगी। यदि कोई बाहरी व्यक्ति घर के अंदर आता है या आने का प्रयास करता है तो उसके फिंगर प्रिंट का रिकार्ड भी रहेगा। साथ ही उस व्यक्ति की तस्वीर भी रिकार्ड हो जाएगी।

फोन से ही खोला जा सकेगा दरवाजा

इंजीनियर सरदूल सिंह ने बताया कि कई बार छोटे बच्चे अंदर से दरवाजा बंद कर लेते हैं। वे दरवाजा खोल नहीं सकते। इस सिस्टम के स्थापित होने के बाद फोन से दरवाजे को बाहर से ही खोला जा सकेगा। यदि गलती से घर का दरवाजा बंद करना भूल जाते हैं तो याद आने पर आप अपने मोबाइल से कहीं से भी अपने घर का दरवाजा बंद कर सकते हैं। भूलने की बीमारी के कारण कई बार बुजुर्ग घर से निकल जाते हैं। अगर किसी के घर में ऐसा कोई बुजुर्ग या व्यक्ति है तो संबंधित व्यक्ति को यह पता चल सकेगा कि घर का कौन सा दरवाजा खोला गया है। इस सिस्टम को स्थापित करने के लिए किसी विशेष मोबाइल की जरुरत भी नहीं होगी। किसी भी एंडरॉयड मोबाइल फोन का इसके लिए प्रयोग किया जा सकेगा।

ऐसे आया था आइडिया

इंजीनियर सरदूल सिंह ने बताया कि एक बार उनके बच्चों ने अंदर से घर का दरवाजा बंद कर लिया था। बच्चे छोटे थे कुर्सी पर चढ़कर दरवाजा बंद तो कर लिया था, लेकिन कुर्सी के अचानक टूट जाने के बाद बच्चे दरवाजा खोल नहीं पाए थे। लगभग ढ़ाई घंटे बाद आखिर दरवाजा तोड़ना पड़ा था। तभी से यह आइडिया उनके दिमाग में आया था कि वे कोई ऐसा सिस्टम स्थापित करेंगे कि इस प्रकार की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

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