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हरियाणा पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह बोले- हरियाणा के गांव भी कोरोना के चपेट में, रोजाना हो रही मौतें

हरियाणा पूर्व मंत्री संपत सिंह ने गांवों में कोरोना को लेकर की जाने वाली व्‍यवस्‍थाओं पर सवाल उठाए हैं

गांवों में ऐसा कोई मुहल्‍ला या घर नहीं बचा हुआ है जिसमें कोई न कोई बुखार खांसी जुकाम बदनदर्द दस्त आदि से पीड़ित न हो। गांवों के प्राथमिक व सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से सभी डाक्टरों को जिला अस्पतालों में बुलाने की वजह से गांवों की सुध लेने वाला कोई नहीं।

Manoj KumarSat, 08 May 2021 01:35 PM (IST)

हिसार, जेएनएन। हरियाणा के पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने कहा कि सरकार कोरोना महामारी के विकराल रूप को राष्ट्रीय आपदा मानकर युद्वस्तर पर तैयारी करें। युद्व के समय देश की सरकार व सभी देशवासी अपने आपको देश के प्रति सर्पित कर देते हैं। सभी कामों को छोड़कर सभी संसाधनों के साथ इस महामारी पर जोरदार हमला बोलें। दूसरी लहर के खतरे से देश को बचाने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह लेकर सरकार ने कोई तैयारी नहीं की।

दूसरी लहर की वजह से कोरोना महामारी ने देश के गांवों मे रहने वाले 70 फीसद आबादी को अपनी चपेट में ले लिया। गांवों के लोग बहुत ही मासूम व सरल स्वभाव से आपस में एक दूसरे की सहायता लेने और देने के लिए मिलजुल कर रहते हैं। एक गांववासी संक्रमित होता है तो समस्त गांववासियों को संक्रमित होने में देर नहीं लगती। 

आज प्रदेश के लगभग सभी गांव इस महामारी के चपेट में आ चुके हैं और अनेकों गांववासियों की रोजाना मौत हो रही है। गांवों में ऐसा कोई मुहल्‍ला या घर नहीं बचा हुआ है जिसमें कोई न कोई बुखार, खांसी जुकाम, बदनदर्द, दस्त आदि से पीड़ित न हो। गांवों के प्राथमिक व सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से सभी डाक्टरों को जिला अस्पतालों में बुलाने की वजह से गांवों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सरकार को गांवों में तुरंत चिकित्सा का प्रबंध करना चाहिए। ग्रामीणों को विश्वास में लेकर उनका भ्रम दूर करें।

सैंपलिंग की जाएं और वैक्सीन का टीका लगाया जाएं ताकि इस महामारी को काबू किया जा सकें। पिछले कई महीनों से अपनी जायज मांगों को लेकर सैकड़ों जगह इस आपातकाल में भी जो हजारों किसान धरनास्थलों पर बैठे है उनसे सरकार तुरंत बातचीत करके उनकी मांगों को माने ताकि वो जुझारू शक्ति भी इस कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में अपना अहम योगदान दे सकें।

संपत सिंह ने ये की मांग

- डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टॉफ के खाली पड़े पदों पर विशेष प्रोत्साहन देकर आपातकालीन भर्ती की जाएं।

- चयनित फार्मासिस्टों को तुरंत नियुक्ति दी जाए।

- सभी विभागों में सेवारत व सेवानिवृत स्वास्थ्य विशेषज्ञों को विशेष प्रोत्साहन देकर कोरोना के खिलाफ जंग में जोड़ा जाएं।

- नए अस्पताल बनाने की बजाये उपलब्ध प्राईमरी स्वास्थ्य केन्द्र व सामूदायिक केन्द्रों को भी डॉक्टर व अन्य स्टॉफ और सभी आवश्यक मशीनों के साथ तुरंत चालू किया जाए।

- सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में इस आपातकालीन समय में विशेष बजट देकर खाली पड़े भवनों में डॉक्टर, बैड, आक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य आवश्यक मशीनें 24 घंटों में लगाये जा सकते हैं।

- सैनिक और अर्धसैनिक बलों में नियुक्त डॉक्टर व अन्य स्टॉफ की भी इस आपातकाल के लिए तुरंत सेवाएं ली जाएं।

- इस आपातकाल में सभी राजनीतिज्ञों के अनावश्यक व अवांछित दौरे बंद किए जाएं।

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